पढ़िए गौरी बांगड़ द्वारा लिखी ‘लड़की’। ये रचना सभी लड़कियों के लिए प्रतिनिधित्व के लिए है की वह किसी से कम नहीं है।
हर रोज गिरकर भी वो खुद ही खडी हो जाती है, ए जिंदगी देख, वो लड़की कोई कमजोर खिलाड़ी नहीं है… कई मंजिले है उसकी, रास्ते के कई गड्डे उसने पार किये है, ए जिंदगी देख, वो लड़की कोई कमजोर खिलाड़ी नहीं है.. तूफानों से लड़कर आज वो आसमां सी ऊचाईयां छू रही है, ए जिंदगी देख, वो लड़की कोई कमजोर खिलाड़ी नहीं है… हज़ारों गम मे होते हुए भी मुस्कुराना अच्छी तरह से जानती है, ए जिंदगी देख, वो लड़की कोई कमजोर खिलाड़ी नहीं है… न जाने कितनी कठिनाइयाँ उसने पार कर ली पर उसके हौंसले बुलंद है. . ए जिंदगी देख, वो लड़की कोई कमजोर खिलाड़ी नहीं है… ए जिंदगी देख, वो लड़की कोई कमजोर खिलाड़ी नहीं है।

