शिक्षा को समर्पित उद्यमी- बजरंगलाल तापड़िया

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जसवंतगढ़ (नागौर) की मिट्टी के ‘‘लाल’’ बजरंगलाल तापड़िया विशाल उद्योग ‘‘सुप्रीम इंडस्ट्रीज’’ के संचालन के साथ समाज के टॉप-4 शीर्ष उद्यमियों में प्रतिष्ठित हैं। इस सफलता के बावजूद श्री बजरंगलाल तापड़िया की पहचान सिर्फ एक सफल उद्यमी पर नहीं थमी बल्कि उनकी पहचान एक ऐसे समाजसेवी के रूप में है, जो मानवसेवा में अपना चहुंमुखी योगदान दे रहे हैं। इसी के अंतर्गत श्री बजरंगलाल तापड़िया वर्तमान में राजस्थान के राजकीय विद्यालयों के कायाकल्प में योगदान दे रहे हैं। श्री माहेश्वरी टाईम्स आपकी सेवाओं को नमन करते हुए ‘‘माहेश्वरी ऑफ द ईयर अवार्ड’’ प्रस्तुत करते हुए गौरवान्वित महसूस करती है।

श्री बजरंगलाल तापड़िया की प्रतिष्ठा उद्योग जगत में तो एक ऐसे सफल उद्यमी के रूप में है ही, जो लगभग 21 हजार 466 करोड़ रुपये के उद्योग ‘‘सुप्रीम इंडस्ट्रीज’’ का संचालन कर रहे हैं। साथ ही समाज सेवा के क्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा ‘‘शिक्षा जगत’’ के कायाकल्प कर्ता के रूप में है।

वर्तमान में न सिर्फ श्री बजरंगलाल तापड़िया के श्री सूरजमल तापड़िया मेमोरियल ट्रस्ट ने राजस्थान के लाडनू उपखण्ड के राजकीय विद्यालयों के साथ अजमेर व बीकानेर में वर्ष 2017 से 600 से अधिक स्वयंसेवक शिक्षक नियुक्त कर रखे हैं, बल्कि ट्रस्ट स्कूल की हर आवश्यकता की पूर्ति भी यह कर रहा है।

उनकी यह सेवा प्रदेश ही नही बल्कि देश के सम्पन्न घरानों के लिये प्रेरणा बनी हुई है। उनके इस योगदानों में पूरा परिवार सहयोगी बना हुआ है। आपके परिवार में धर्मपत्नी श्रीमती रतनदेवी तथा पुत्र विजय कुमार तापड़िया तथा पौत्र विवेक तापड़िया एवं इनके प्रपौत्र विरेन तथा अक्षय, प्रपौत्री अनिका आदि शामिल है।


व्यापार से उद्यम की सफल यात्रा

श्री बजरंगलाल तापड़िया का जन्म नागौर जिले के एक छोटे से कस्बे जसवन्तगढ़ में 25 नवम्बर 1934 को सूरजमल व श्रीमती मोहरादेवी तापड़िया के यहां हुआ। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा जसवन्तगढ़ में ही हुई। फिर वर्ष 1955 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से बी.कॉम. की उपाधि के साथ पूर्ण की।

जीतमल तापड़िया बड़े भाई व महावीर प्रसाद तापड़िया आपके छोटे भाई हैं। सन 1949 में आपने अध्ययन के साथ-साथ कपड़े का व्यापार प्रारम्भ कर सन् 1982 तक यह व्यापार किया।

बजरंगलाल तापड़िया

सन् 1964 में पिताश्री का देहावसान हो गया इसलिए आप पर पूरे परिवार को संभालने का दायित्व आ गया। सन् 1967 में आपके परिवार ने ‘‘दी सुप्रीम इण्डस्ट्रीज लिमिटेड’’ का अधिग्रहण किया तथा अपने कठोर परिश्रम से इसे वर्तमान में भारत की सिरमौर प्लास्टिक उत्पाद निर्माता कम्पनी के रूप में स्थापित किया।

सन् 1982 आते-आते कपड़े का व्यापार बंद कर दिया तथा पूरा ध्यान सुप्रीम इण्डस्ट्रीज की तरफ लगा दिया। वर्तमान में सुप्रीम इण्डस्ट्रीज आपके निर्देशन में नई ऊँचाइयों को छू रही है।


स्वास्थ्य के साथ शिक्षा की चिंता

उद्योग जगत की यात्रा में सफलता के शिखर को छूने के बावजूद श्री तापड़िया ने आम व्यक्ति से कभी दूरी नहीं बनाई। अपने पिता के नाम पर ‘‘श्री सूरजमल तापड़िया मेमोरियल ट्रस्ट’’ की स्थापना श्री बजरंगलाल तापड़िया द्वारा भाई महावीर प्रसाद तापड़िया तथा भतीजे शिवरतन जीतमल तापड़िया के सहयोग से 23 अगस्त 1977 को की गई।

इस ट्रस्ट का उद्देश्य गरीबों को राहत पहुँचाना, शिक्षा को बढ़ावा देना, चिकित्सकीय सुविधाओं में विस्तार एवं अन्य गतिविधियों का सार्वजनिक उपयोग है। तापड़िया परिवार द्वारा नि:शुल्क आयुर्वेदिक, हौम्योपैथिक व फिजीयोथेरेपी के औषधालय संचालित हैं।

ट्रस्ट के माध्यम से तापड़िया परिवार आधुनिक सुविधाओं से युक्त संस्कृत महाविद्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं कन्या महाविद्यालय संचालित कर रहा है। ट्रष्ट द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार करते हुए राजकीय विद्यालयों में अध्यापकों के रिक्त पदों पर स्वयंसेवक अध्यापक नियुक्त किये हैं जिनकी योग्यता राजकीय नियमानुसार निर्धारित की गई है।

ये अध्यापक 01 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2022 तक अपनी सेवायें देंगे। इस समय लाडनूं उपखण्ड क्षेत्र में ट्रस्ट ने 257 अध्यापक विभिन्न राजकीय विद्यालयों में लगा रखे हैं। राज्य सरकार के साथ अनुबंध के अनुसार 2017 से 2022 तक अजमेर व बीकानेर संभाग के सभी राजकीय संस्कृत विद्यालयों एवं सम्पूर्ण राजस्थान के राजकीय संस्कृत महाविद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की पूर्ति की जा रही है।

बजरंगलाल तापड़िया

इन विद्यालयों में 543 अध्यापक कार्यरत हैं। इन विद्यालयों की छात्र संख्या 55000 से अधिक है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु विज्ञान, वाणिज्य व कला संकाय में श्रीमती मोहरीदेवी तापड़िया कन्या महाविद्यालय संचालित है। इस महाविद्यालय में आधुनिक सुख-सुविधाओं से सुसज्जित छात्रावास भी संचालित हैं।


विद्यालयों का किया कायाकल्प

इसके साथ ही इन विद्यालयों को भौतिक संसाधन जैसे- अलमारी, बायोमेट्रिक, दरियां, टाट-पट्टियाँ, कम्प्यूटर-प्रिंटर, पंखे, लोहे की रेंक, चार्ट, नक्शे, तस्तरी, गोला, भाला, ग्रीनबोर्ड, फुटबॉल, वॉलीबॉल, स्वेटर, स्लेट, रिंग, सूचना बोर्ड, फिसल पट्टी, टेबल-स्टूल, वॉलीबॉल पोल-नेट, ऊँचीकूद पोल, पानी की मोटर, टंकियाँ, ऊँचाई मापन स्टेण्ड, नेपकीन डेस्ट्रोयर मशीन, बेबी डेस्क, केरमबोर्ड, वेट मशीन, ग्लोब, कूदने की रस्सी, लहर कक्ष बैनर, कार्यालय टेबल-कुर्सियाँ, स्लेट, मॉडल पेपर बुकलेट, अंग्रेजी की विशेष पुस्तकें, प्रार्थना पुस्तिका, अभ्यास पुस्तिका, पेंसिल, सांचा, रबर, एलईडी टीवी एवं डीवीडी सेट्स उपलब्ध करवाये हैं।

राजकीय विद्यालयों में कक्षा-कक्ष, प्रयोगशालायें, शौचालय सुविधा, वर्षा जल संरक्षण, ट्यूबवेल निर्माण एवं पानी के टेंक बनवाये हैं तथा राजकीय विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये आधुनिक वातानुकुलित मोबाईल कम्प्यूटर बस का निर्माण करवाया है।

सेठ श्री सूरजमल तापड़िया आचार्य संस्कृत महाविद्यालय व्याकरणशास्त्र, साहित्य शास्त्र एवं ज्योतिष शास्त्र में विद्यार्थियों को पारंगत कर रहा है।

इसके अतिरिक्त श्रीमती मोहरी देवी तापड़िया शिक्षा शास्त्री महाविद्यालय, वेद विद्यालय एवं श्रीमती मोहरी देवी तापड़िया शोध संस्थान भारतीव वेद, संस्कार, संस्कृति एवं परम्परा के संरक्षण का कार्य कर रहे है।


सेवा के वृहद आयाम

स्थानीय क्षेत्र पर ग्राम पंचायत जसवंतगढ़, आसोटा, कसुम्बी, लैडी, बालसमंद, मंगलपुरा व दुजार में स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालयों का निर्माण, ग्राम पंचायत जसवंतगढ़ में सड़कों का निर्माण, ग्राम गोपालपुरा में डूंगर बालाजी हनुमान मंदिर के पास धर्मशाला एवं तालाब का निर्माण, जसवंतगढ़ से डाबड़ी, लाडनूं एवं बूंदी जिले तक 425 किमी तक सड़क मार्ग के दोनों ओर वृक्षारोपण का कार्य, जसवंतगढ़ के चारों ओर 100 किमी क्षेत्र में प्रचार-प्रसार कर भ्रमणशील शल्य चिकित्सा इकाई के माध्यम से पाँच वर्षों तक शिविर का आयोजन कर नि:शुल्क ऑपरेशन शिविर आयोजित किये।

टीबी रोगियों के लिए सीकर के पास सांवली अस्पताल में एक बैड का खर्च वहन किया। गरीब परिवार की लड़कियों की शादी में सहयोग जसवंतगढ़ के परमधाम में निर्माण कार्य व वृक्षारोपण, जसवंतगढ़ व आसपास की सभी गौशालाओं को गत तीस वर्षों से लगातार हर वर्ष लाखों रुपये का चारा एवं गुड़ प्रदान करवाया, राजकीय जगन्नाथ तापड़िया आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय जगन्नाथ तापड़िया बालका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जसवंतगढ़ एवं राजकीय जौहरी आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, लाडनूं का जीर्णोद्धार करवाया।

पुलिस थाना जसवंतगढ़ की जीप को भी बुलेटप्रुफ बनवाया। थाना परिसर में थानेदार एवं उच्च अधिकारियों के विश्राम के लिए ढाई लाख रुपये की लागत से एक वातानुकूलित कमरा तैयार करवाया, सम्पूर्ण जसवंतगढ़ ग्राम पंचायत एवं पुलिस थाना परिसर में सात लाख रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरा लगवाये।

बजरंगलाल तापड़िया

गुजरात राजुला जिला के देवका गाँव में विद्यालय भवन में भोजनशाला एवं सभागार का निर्मार्ण, गुजरात सापुतारा में आदिवासी क्षेत्र के विद्यालय में भोजनशाला एवं 08 लाख लीटर क्षमता की पेयजल की टंकी का निर्माण, भाईश्री रमेश ओझा के आश्रम में आतिथ्य भवन का निर्माण, कलकत्ता में विशुद्धानन्द सरस्वती विद्यालय में 1 करोड़ की लागत से मरम्मत कार्य, नीरी कस्बा तालुका जामनेर जलगाँव में सामान्य जन सुविधायें उपलब्ध करवाना आदि भी शामिल हैं।


समाज की सेवा में भी आगे

अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर को समाज की महिलाओं के तीसरी कन्या होने पर 50 हजार रुपये की एफडी के रूप में साढ़े सात लाख रुपये प्रदान किये। अजमेर में माहेश्वरी समाज के प्रस्तावित छात्रावास भवन की भूमि की सहमति एवं समाज की नन्हीं बालिकाओं हेतु फण्ड की व्यवस्था की।

बजरंगलाल तापड़िया

मध्य राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के 120 जरूरतमंद माहेश्वरी परिवारों को 1000 रुपये प्रतिमाह के अनुसार 4 वर्षों तक लगातार सहायता राशि, तकनीकी एवं सिविल सर्विसेज की तैयारी, उच्च शिक्षा प्राप्त करने वालों के लिए अजमेर में छात्रावास की भूमि के लिये 1.05 करोड़ रुपये की सहायता की गई।

अखिल भारतीय माहेश्वरी युवा संगठन की पहल पर जरूरतमंद 400 माहेश्वरी परिवारों को 1500 रुपये नगद सहायता राशि, जिस माहेश्वरी महिला के तीसरी कन्या हुई है उसे 15000 रुपये एफडीआर दी गई जिसकी परिपक्वता कन्या की शादी के समय दो लाख रुपये है।


योगदान और भी हैं…..

  • ट्रस्ट द्वारा सेठ श्री सूरजमल तापड़िया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को 1997 में निर्मित कर राज्य सरकार को सुपुर्द कर दिया तत्पश्चात संस्थान का विकास करने हेतु 2003 में राज्य सरकार एवं ट्रस्ट के मध्य हुए करार के अनुसार इस संस्थान का संचालन ट्रस्ट द्वारा लगातार किया जा रहा है जिसमें वर्तमान में 17 व्यवसायों का 42 इकाईयों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इस संस्थान ने 31 बार राज्य मैरिट तथा 2 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
  • ट्रस्ट द्वारा उच्च स्तरीय सुविधाओं युक्त श्रीमती मोहरी देवी तापड़िया कन्या महाविद्यालय संचालित है जिसमें बालिकायें स्नातक एवं स्नातकोत्तर में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय में अनुभवी विशेषज्ञों से अध्ययन करती है। इस महाविद्यालय परिसर में आधुनिक सुख-सुविधाओं युक्त बालिका छा़त्रावास एवं 30 किमी क्षेत्र में वाहन सुविधा उपलब्ध है।
  • ट्रस्ट द्वारा श्रीमती मोहरी देवी तापड़िया शिक्षा शास्त्री महाविद्यालय संचालित है जहाँ विद्यार्थी बी.एड. का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
  • ट्रस्ट द्वारा संस्कृत और संस्कृति के सम्मान में प्राचीन भारतीय ज्ञान एवं परम्पराओं को जीवित रखने हेतु श्रीमती मोहरी देवी तापड़िया वेद विद्यालय तथा श्रीमती मोहरी देवी तापड़िया शोध संस्थान संचालित है। जहाँ पर वेदों, संस्कारों, संस्कृति एवं प्राचीन भारतीय परम्पराओं का अध्ययन व संरक्षण कार्य किया जाता है।
  • जिला मुख्यालय नागौर में स्टेडियम के विकास में खेल सुविधाओं के विस्तार में जैसे फिटनेस सेंटर और जिम सेंटर के निर्माण में 35 लाख रुपये का सहयोग दिया गया।
  • ट्रस्ट द्वारा श्री जगन्नाथ तापड़िया आयुर्वेदिक औषधालय 1940 से, श्री जगन्नाथ तापड़िया होम्योपैथिक औषधालय 1975 से एवं श्री जगन्नाथ तापड़िया फिजियोथैरेपी औषधालय 2012 से नि:शुल्क संचालित है।
  • ट्रस्ट द्वारा भ्रमणशील शल्य चिकित्सा इकाई के माध्यम से वर्ष 2014 से 2018 तक प्रतिवर्ष विभिन्न रोगों के निदान एवं उपचार हेतु नि:शुल्क शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें आस-पास के 100 किमी क्षेत्र के हजारों मरीजों का इलाज किया गया। महाराष्ट्र के जलगाँव के आसपास के 150 गाँवों में एम्बुलेंस, चिकित्सा स्टॉफ एवं दवाईयों के वितरण की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की जा रही है।
  • कोविड-19 वैश्विक महामारी की रोकथा के लिए श्री सूरजमल तापड़िया मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा भोजन व राशन वितरण की सेवा 26 मार्च 2020 से संचालित की गई। ट्रस्ट द्वारा क्षेत्र के अन्य क्वारंटाईन केंद्रों पर भी भोजन वितरण किया गया। इसमें ट्रस्ट द्वारा सुजानगढ़, रतनगढ़ तहसील के 13 गाँवों में तथा लाडनूं तहसील के 104 गाँवों में हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचाया गया।
  • ट्रस्ट ने कोरोना सहायतार्थ पीएम केयर्स फण्ड एवं विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री सहायता कोषों में 8.35 करोड़ रुपये का आर्थिक अनुदान दिया।

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