मुलाहिजा फरमाइये – अप्रैल 2021
पढ़िए ‘मुलाहिजा फरमाइये अप्रैल 2021 :उनकी तासीर बेहद कड़वी होती है।जिनकी गुफ्तगू शक्कर सी होती है।।इंतज़ार से थकी इन आंखों में कुछ ख्यालात चाहता...
मुलाहिजा फरमाइये – मार्च 2021
पढ़िए ‘मुलाहिजा फरमाइये मार्च 2021 :दोस्त हमउम्र ना भी हो तो कोई बात नहीं,हमख्याल जरूर होना चाहिए।ज़िंदा रहना है तो हालत से डरना कैसा,जंग...
मुलाहिजा फरमाइये – फरवरी 2021
पढ़िए ‘मुलाहिजा फरमाइये फरवरी 2021 :दोस्त हमउम्र ना भी हो तो कोई बात नहीं,हमखयाल ज़रूर होना चाहिए।ज़िंदा रहना है...
मुलाहिजा फरमाइये – जनवरी 2021
पढ़िए 'मुलाहिजा फरमाइये जनवरी 2021':हवाओं की भी अपनी, अजब सियासतें हैं साहब...!कहीं बुझी राख भड़का दे, तो कहीं जलते...
मुलाहिजा फरमाइये – दिसंबर 2020
पढ़िए दिसंबर - 2020 का मुलाहिजा फरमाइये हमारे इस स्तम्भ में -वक़्त कि नजाकत से वाकिफ हूँ मैं…बड़ी नज़ाकत...
मुलाहिजा फरमाइये – नवंबर 2020
पढ़िए नवंबर - 2020 का मुलाहिजा फरमाइये हमारे इस स्तम्भ मेंबेरंग जिंदगी में रंग भर जाते है !फ़रिश्ते जब...
मुलाहिजा फरमाइये- अक्टूबर 2020
पढ़िए अक्टूबर 2020 का मुलाहिजा फरमाइये हमारे इस स्तम्भ मेंहर डूबती हुई कश्ती की अपनी ही कहानी है,
जी लो...
मुलाहिजा फरमाइये- सितम्बर 2020
पढ़िए सितम्बर 2020 का मुलाहिजा फरमाइये हमारे इस स्तम्भ मेंआसान नहीं है उस शख्स को समझ पाना जो जानता...

