Mulahiza Farmaiye

मुलाहिजा फरमाइये- जुलाई 2020

पढ़िए जुलाई 2020 का मुलाहिजा फरमाइये हमारे इस स्तम्भ मेंजनाब घायल तो यहां एक परिंदा है।अगर फिर से जो उड़ सका वही जिंदा है।कुछ...

कोरोना और जीवन

तुम्हारी 'इक आवाज़' पर हम 'दौड़े' चले आएंगे…!!बस शर्त ये है कि लहज़े में बेकरारी होनी चाहिए…!!ये ज़िन्दगी है जनाब,जीना सिखाए बगैर मरने नहीं...

जिंदगी

जीने का सबक सिखा रही है जिंदगीहमें हमारी हदें बता रही है जिंदगी।सारी उम्र वक्त का रोना रोते रहेआज आईना दिखा रही है जिंदगी।अदब...

मुलाहिज़ा फरमाइये

ऐसे जियो कि अपने आप को पसंद आ सको।दुनिया वालों की पसंद तो पल भर में बदल जाती है।दस्तक और आवाज़ तो कानों...

मुलाहिज़ा फरमाइये

वक्त भी ये कैसी पहेली दे गयाउलझने को ज़िन्दगी और समझने को उम्र दे गया...!मुकम्मल कहाँ हुई, ज़िन्दगी किसी की,इंसान कुछ खोता ही रहा,...

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