कैसे सजाएं अपने घर की बगीया

Date:

हर कोई चाहता है कि उनका घर या घर की बगीया हरियाली से हरी भरी रहे। लेकिन पौधों की देखभाल आसान नहीं होती। इसका प्रमुख कारण होता है, इस जानकारी की कमी कि कौन सा पौधा कहाँ और कैसे लगाऐं? तो आइये जानें अपने घर की बगीया को सजाने के गुर।

श्याम माहेश्वरी (पलोड़), उज्जैन


घर के अन्दर लगाऐं ये पौधे

आवासगृहों के बाहर व सार्वजनिक स्थलों दोनों जगह बोगनवेलिया, अलमुंडा बेल पीले फूलवाली, सवेरा बेल, मधुमालती, चमेली, जूही, बंगला बेल, परदा बेल गमले वाले धूप में चलने वाले पौधे सायकस फायकस, जेट प्लांट, योका, लोलिना, एग्जोरा, यूफोबिबया, एडीनियम लगा सकते हैं।

घर में स्थान कम हो तो गमले वाले छाया में चलने वाले पौधे-एरूकेरिया, क्रॉटन, टोपीकृष्णा, ड्रेसिना चार तरह के, एरिकापाम, मनी प्लांट, सप्लेरा, स्नेक प्लांट, चाइना पाम, फोनिसपाम, सिंगोनिया, कोलिश, सन ऑफ इंडिया लगाऐं। इन्हें छायादार स्थानों पर लगाया जा सकता है। आवासगृहों के अंदर चलने वाले पौधे-एरूकेरिया, कृष्णा टोपी, मनी प्लांट, एरिकापाम, फोनिसपाम, साइकस आदि भी घर के अंदर लगा सकते हैं।


घर के बाहर ये उचित

आवासगृहों के बाहर अशोक, मोलश्री, करंज अथवा फूलदार-अमलतास, कचनार, गुलमोहर, जखरंडा के पौधे लगा सकते हैं। आवासगृहों के अंदर क्यारियों में गुलाब, मोगरा, रातरानी, दिन का राजा, गुड़हल, एग्जोरा, चांदनी, चंपा, हारशृंगार, मीठा नीम जैसे उपयोगी अथवा फल वाले वाले नींबू जैसे अमरूद, चीकू, अनार, किन्नू, सीताफल, आंवला लगा सकते हैं।

यदि आवासगृहों के बाहर ऊपर बिजली के तार हों तो बॉटलब्रश, चंपा, हारशृंगार, चांदनी, कनेर, गुड़हल, फायकस जैसे पौधे लगाएं। स्कूलों, अस्पतालों, श्मशानों, देववनों में सार्वजनिक स्थलों में चलने वाले नीम, बरगद, पीपल, शीशम, करंज, जामुन, गुंदा, टीमरू, सीरस, बैर, कीकर, ईमली, आंवला, आम जैसे पौधे लगाएं।


ऐसे करें पौधे की देखभाल

पौधा लगाने के लिए गड्ढा कम से कम 2 बाय 2 बाय 2 घनफीट का होना चाहिए। पीली मिट्टी, थोड़ी सी रेत और थोड़ी सी गोबर की खाद डाल दी जाए। पौधा लगाते समय पॉलिथिन की थैली को हटाते समय पिंड नहीं टूटना चाहिए, तो पौधे के चलने की संभावना शत-प्रतिशत होती है।

वर्षाऋतु में लगाए गए पौधों के शत-प्रतिशत चलने की संभावना रहती है। सर्दियों में पौधों को पानी पांच से सात दिन में दिया जा सकता है। गर्मी में हर दूसरे दिन देना जरूरी होता है और पौधों की निंदाई-गुड़ाई 15 दिन में एक बार हो तो पौधा अच्छा खिलखिला उठता है।


Sri Maheshwari Times
Sri Maheshwari Times
Monthly Maheshwari community magazine connecting Maheshwaris round the globe.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Burberry is the First Brand to get an Apple Music Channel Line

Find people with high expectations and a low tolerance...

For Composer Drew Silva, Music is all About Embracing Life

Find people with high expectations and a low tolerance...

Pixar Brings it’s Animated Movies to Life with Studio Music

Find people with high expectations and a low tolerance...

Concert Shows Will Stream on Netflix, Amazon and Hulu this Year

Find people with high expectations and a low tolerance...