चैन्नई। अ.भा. माहेश्वरी महासभा के पूर्व सभापति तथा सम्मान प्राप्त वरिष्ठ समाजसेवी खींवसर (राज.) के सपूत चैन्नई निवासी पद्मश्री बंशीलाल राठी अपने चिरपरिचित अंदाज में कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर के दौरान भी विपदा में फंसे अपनों के लिये देवदूत की तरह अपने बनकर सामने आये। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के 108 सहित देशभर के कई जरूरतमंद परिवारों को ससम्मान आर्थिक सहायता प्रदान कर अपनत्व का परिचय दिया।
उक्त जानकारी देते हुए महाराष्ट्र प्रदेश माहेश्वरी सभा अध्यक्ष श्रीकिशन भंसाली तथा श्री आदित्य विक्रम बिड़ला मेमोरियल व्यापार सहयोग केंद्र चैन्नई के संयोजक तथा श्री बांगड़ माहेश्वरी मेडिकल वेलफेयर सोसायटी भीलवाड़ा के सदस्य सत्यनारायण लाहोटी ने बताया कि गत वर्ष कोरोना महामारी की प्रथम लहर व उसके फलस्वरूप हुए लॉकडाउन में श्री राठी द्वारा देश के अनेक असहाय परिवारों को रू 3000/- की राशी प्रत्येक परिवारों को भेजी गई है।
कोरोना की इस दूसरी लहर में भी भामाशाह बन श्री राठी ने स्वयं आगे आकर महाराष्ट्र के कोरोना प्रभावित दुर्बल परिवारों को रू 10000/- (दस हजार) की सहायता अति शीघ्रता से जिला सभा एवं कार्यकर्ताओं के माध्यम से करीब 108 परिवारों को पहुंचाई।
अति कठिन परिस्थिति में यह सहायता राशी प्राप्त होने से इन परिवारों ने बहुत साधुवाद दिया है। इस सहायता में अपनत्व के साथ मदद प्राप्त करने वालों के सम्मान का ध्यान रखते हुए उनके नाम भी गुप्त रखे गये।
हमेशा मदद में रहे आगे
अखिल भारतवर्षीय महेश्वरी महासभा के पूर्व सभापती – एक बहु-आयामी व्यक्तित्व के धनी पद्मश्री बंशीलाल राठी समाज के प्रति सतत चिंतन करने वाले मन-वचन और कर्म से एक कर्मयोगी ही हैं। आपके महासभा सभापति के कार्य काल में 1999 में श्री आदित्य विक्रम बिर्ला मेमोरियल व्यापार सहयोग केंद्र की स्थापना समाज के अनेक गणमान्य पदाधिकारियों की उपस्थिति एवं सहयोग से हुई।
यह ट्रस्ट महासभा के ट्रस्टो में से एक महत्त्वपूर्ण ट्रस्ट है जो युवकों को आत्म-निर्भर एवं स्वावलंबी बनाने हेतु स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने हेतु ऋण सहायता राशि शीघ्रता से प्रदान करता है।
महासभा की नागपुर बैठक के समय महाराष्ट्र प्रदेश के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की असहाय महिलाओं की सहायता हेतु अपील की जिस पर आप महाराष्ट्र प्रदेश की 40 ऐसी महिलाओं को वर्ष 2009-10 से प्रतिमाह रु 1000/- की नियमित रूप से सहायता राशि भेज रहे हैं।




