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महिला संगठन ने “स्वाश्रिता” से फिर बनाया विश्व कीर्तिमान

अभा माहेश्वरी महिला संगठन अभी तक विभिन्न सेवा गतिविधियों से विश्व कीर्तिमान बनाता रहा है। इसी श्रृंखला में पुन: इस बार विश्व महिला दिवस 8 मार्च को महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये अभियान ‘‘स्वाश्रिता’’ प्रारम्भ किया गया। इसमें इस दिन 525 सिलाई मशीनों का वितरण कर संगठन ने विश्व कीर्तिमान बनाते हुए फिर सिद्ध कर दिया कि ‘‘हम किसी से कम नहीं’’।


अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रीय महिला संगठन ने ‘स्वाश्रिता -एक पहल’ अंतर्गत द्वादश सत्र में ही चौथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा माहेश्वरी एवं राष्ट्रीय महामंत्री मंजू बांगड़ के सफल नेतृत्व में महिला अधिकार, उत्थान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण समिति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2022 के सुअवसर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वाश्रिता प्रॉजेक्ट आयोजित किया गया।

प्रोजेक्ट की अभूतपूर्व सफलता के उपलक्ष्य में एक वर्चुअल सेरेमनी का आयोजन भी किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला, अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के सभापति श्याम सुंदर सोनी, पूर्व सभापति रामपाल सोनी के साथ-साथ युवा संगठन अध्यक्ष राजकुमार काल्या उपस्थित थे।

अति सम्माननीय अतिथि के रूप में महासभा के महामंत्री संदीप काबरा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोरमा लड्डा, लता लाहोटी, गीता मूंदड़ा, विमला साबू, सुशीला काबरा, निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्पना गगरानी उपस्थित थीं। उक्त कार्यक्रम में सशक्त माहेश्वरी ग्लोबल महिला सम्मान भी बहरीन निवासी मधु लखोटिया को प्रदान किया गया।


फिर बना विश्व कीर्तिमान

इस कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड श्री मनीष जी बिश्नोई शामिल हुए और उन्होंने प्रोजेक्ट के पूरे डेटाबेस को, जो उन्हें पहले ही भेजा जा चुका था। स्टडी करने के बाद लार्जेस्ट डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ स्विंग मशीन टाइटल से रिकॉर्ड की घोषणा की और इस तरह द्वादश सत्र में ही चौथा विश्व कीर्तिमान संगठन ने अपने नाम दर्ज कर एक अद्भुत इतिहास रच दिया।

इस प्रोजेक्ट अंतर्गत हर महिला को स्व-आश्रिता यानि आत्मनिर्भर बनाने के लिए, उसके सपनों को सिलने के लिए सिंगर इंडिया के साथ एक एमओयू साइन कर भारतवर्ष तथा नेपाल जो कि एक चैप्टर के रूप में संगठन के साथ जुड़ा हुआ है, में 16 सिलाई प्रशिक्षण केंद्र खोले गए।

इसके अंतर्गत हर प्रदेश जो सेंटर खोलना चाहता था को प्रपोजल दिया था और जिन जिन प्रदेशों ने सेंटर खोलने की पहल करते हुए 6 मशीनें लगाने की कटिबद्धता जाहिर की उन्हें अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन ने राष्ट्रीय स्तर से 4 मशीन का सहयोग हर सेन्टर को प्रदान किया।

इन सभी सेंटर्स में मशीनें श्रंखलाबद्ध संगठन के अंतर्गत अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की हैं और इनको चलाने का काम भी संगठन का रहेगा, सिंगर का करिकुलम, सर्टिफिकेशन और एफीलिएशन इन सेंटर्स को प्राप्त रहेगा। बहुत ही कम या यूं कहें नॉमिनल फीस में सिलाई सीखने के लिए अति उपयुक्त इन सेंटर्स में काम सीखने के बाद कहीं भी काम मिलना काफी आसान होगा।


525 मशीनों का कीर्तिमान

ग्रास रूट पर काम करते हुए श्रंखलाबद्ध संगठन के अंतर्गत प्रदेशों में अपने ही जिले तहसील या प्रदेश में सेंटर खोलने के अतिरिक्त भी महेश्वरी महिलाओं के साथ-साथ बहुत सी जरुरतमंद महिलाओं को जिन्हें सिलाई आती हो, मुफ्त सिलाई मशीन देकर स्वाश्रिता बनाने की पहल की है।

नेपाल चैप्टर सहित सभी 27 प्रदेशों के उत्कृष्ट सामूहिक प्रयासों व समिति प्रमुख गिरिजा सारडा के संयोजन में 525 मशीन वितरण का लक्ष्य प्राप्त किया। महाराष्ट्र में करीब 6000 किसानों जिन्होंने कर्ज से तंग आकर आत्महत्या कर ली, उनके परिवारों की सहायता और तेलंगाना में जिन परिवारों में कन्या अधिक हैं, पड़ोसी राज्यों से आए हुए मजदूर उन से विवाह कर बाद में उन्हें वहीं छोड़ गए, ऐसी कुमारी माताओं के लिए अपना घर चलाने के उद्देश्य से 14-14 मशीन के साथ सिलाई सिखाने के सेंटर खोले।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन राष्ट्रीय महिला संगठन की तरफ से इन महिलाओं को ना सिर्फ ये सेंटर समर्पित किए, बल्कि उसी दिन से 40 महिलाओं का बैच भी दो सेंटर्स पर शुरू हो गया।


इन केंद्रों पर रही पूर्ण व्यवस्था

इन सेंटर्स पर पंखा, पानी की टंकी, बैठने के लिए स्टूल्स, कैंची, सिलाई किट, कपड़ा इत्यादि भी राष्ट्रीय संगठन की तरफ से दिया गया। इन दोनों सेंटर्स को चलाने का दायित्व यवतमाल की नीलिमा मंत्री को सौंपा गया है।

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा महेश्वरी, राष्ट्रीय महामंत्री मंजु बांगड़, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ज्योति राठी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री शैला कलंत्री, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री मधु बाहेती के साथ-साथ स्वाश्रिता प्रोजेक्ट के लिए प्रकल्प प्रमुख गिरिजा सारडा, महिला अधिकार उत्थान सुरक्षा एवं सशक्तिकरण समिति प्रभारी श्रीमती उषा मोहंता, समिति सह प्रभारी स्वाति काबरा, राजश्री मोहता, कंचन राठी, प्रतिभा नथानी और रश्मि बिनानी को साथ लेकर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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