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शिखर यात्रा की ओर ‘‘चाय वाले’’- विदुर माहेश्वरी

कहते हैं कि सच्चा व्यवसायी वह है, जो मिट्टी को भी अपनी व्यावसायिक सोच से ‘‘सोना’’ बना सकता है। इन्हीं पंक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं, चैन्नई निवासी विदुर माहेश्वरी । उन्होंने चाय के आऊटलेट जैसे व्यवसाय को अपनी सूझबूझ से कॉर्पोरेट लुक दिया कि उनका स्टार्टअप ‘‘चाय वाले’’ सफलता के शिखर की ओर बढ़ने लगा।

‘‘चाय वाले’’ ये शब्द सुनते ही हमारे अंदर एक अत्यंत सामान्य सोच उत्पन्न होती है, लेकिन यहाँ हम जिस ‘‘चाय वाले’’ का जिक्र कर रहे हैं, वह किसी गुमटी या छोटी से दुकान से चाय की बिक्री करने वाला अदना सा चाय वाला नहीं बल्कि वह उच्च व्यवसायिक सोच रखने वाला व्यवसायी है, जिसने इस शब्द को ही विशिष्ट प्रतिष्ठा दे दी।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बाद संभवत: चैन्नई निवासी विदुर माहेश्वरी ही एक ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने इस शब्द को प्रतिष्ठित किया है। बस अन्तर यह है कि मोदीजी ने राह बदलकर इसे अपनी पहचान के रूप में प्रतिष्ठा दी तो विदुर ने इस सम्पूर्ण राह ‘‘चाय वाले’’ को ही प्रतिष्ठित बना दिया।


विशिष्ट सोच ने दिलाई राह

विदुर का जन्म 11 जून 1994 को चैन्नई में ख्यात व्यवसायी नारायण व राजश्री माहेश्वरी (राठी) के यहाँ हुआ था। विदुर बीकानेर के ख्यात समाजसेवी स्व. श्री बृजमोहनलाल राठी के सुपौत्र हैं। बचपन से ही उन्हें व्यावसायिक सोच संस्कारों के रूप में प्राप्त हुई। पिताजी स्टील तथा इन्वेस्टमेंट व फायनेंस के व्यवसाय से संबंधित थे।

विदुर माहेश्वरी

ऐसे में बचपन से ही विश्ष्टि व्यावसायिक सोच उत्पन्न होती गई जिसे उच्च शिक्षा ने पंख लगा दिये। बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2012 में CBSE की 12वीं की परीक्षा में 96% मार्क्स लाकर विशिष्ट स्थान बनाया।

विदुर ने लंदन के प्रतिष्ठित किंग्स कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातक उपाधि पूर्ण कर फिर हावर्ड युनिवर्सिटी से एडवांस कोर्स पूर्ण किया।


एक नयी सोच से उत्पन्न ‘‘चाय वाला’’

उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद विदुर के पास अपना पैतृक रूप से सुस्थापित व्यवसाय सम्भाल कर आराम से जीवनयापन करने का अवसर था लेकिन वे कुछ नया करना चाहते थे। इसी सोच ने उन्हें व्यवसाय के नये क्षेत्र खोजने की प्रेरणा दी।

आमतौर पर ‘‘चाय वाले’’ शब्द सुनते ही सोच बनती है कि रोड के आसपास लगी छोटी-छोटी चाय की दुकान या फिर आधुनिकतम कैफे। विदुर ने पाया कि इन दोनों व्यवसायों में मुनाफा अच्छा है लेकिन ये संगठित व्यवसाय न होने से शिखर को नहीं छू पाये।

बस इसी सोच ने बेवरेज व्यवसाय में ‘‘क्वीक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR)’’ की स्थापना की प्रेरणा दी। इस सोच के साथ उन्होंने वर्ष 2018 में अपने स्टार्टअप ‘‘चाय वाले’’ की शुरुआत की।


ऐसे पायी शिखर की सफलता

वास्तव में देखा जाऐ तो विदुर माहेश्वरी की सोच बिल्कुल नयी तो थी लेकिन इसके साथ अत्यंत चुनौतीपूर्ण भी थी। कारण यह था इसके लिये मार्केट पहले से तैयार नहीं था। विदुर ने इस चुनौती के लिए सबसे पहले अपने आपको तैयार किया।

विदुर माहेश्वरी

उन्होंने प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य व उच्च गुणवत्ता तथा त्वरित सेवा की सोच बनायी। इसके लिये अपने चार सफलता के सूत्र तय किये, प्रथम ग्राहकों का संतुष्टीकरण, दूसरा उचित प्रबंधन व टीमवर्क, तृतीय वेन्डर जो ग्राहकों तक चाय पहुंचाऐंगे तथा चतुर्थ निवेशक जिनके सहयोग व विश्वास से तेजी से उन्नति की जा सकें।

इस सोच के साथ वर्ष 2018 में चैन्नई के महत्वपूर्ण स्थानों का चयन कर वहाँ आऊटलेट्स की शुरुआत की गई। इसमें सिग्नेचर ड्रिंक ‘‘चेयरमेन्स स्पेशल’’ रखा गया। चाय के साथ नाश्ते की भी व्यवस्था उपलब्ध है।

हर आऊटलेट की बिक्री शीघ्र ही 1300-1500 कप प्रतिदिन तक पहुंच गई। चाय ऑन व्हील एक नया प्रयास है जो कि शीघ्र ही प्रारम्भ होने वाला है। लोगों कि मांग पर वैरायटी राईस दोपहर भोज (लंच) भी शीघ्र ही प्रारम्भ होने वाला है।


कोविड-19 बना परीक्षक

विदुर माहेश्वरी

कोविड-19 कई व्यवसायियों के लिए ऐसा परीक्षक बनकर सामने आया जिसने उनके व्यवसायों की कमियों को दूर करके रख दिया। विदुर ने कोविड की प्रथम लहर के ठीक पूर्व ही इसकी शुरूआत की थी। ऐसे में उनके लिये भी कोविड महामारी किसी चुनौती से कम नहीं थी। इसी प्रथम लहर के दौरान ही कई व्यवसाय धरातल पर आ गये थे।

ऐसे में भी विदुर का ‘‘चाय वाले’’ सतत रूप से सफलता के शिविर को छूता ही चला गया। कुछ गिने चुने आऊटलेट्स से प्रारम्भ यह व्यवसाय 24 माह में 14 से अधिक आऊटलेट्स तक जा पहुँचा। 5 और आऊटलेट्स तो अभी प्रारम्भ होने ही वाले हैं। उनका लक्ष्य मार्च 2023 तक 40-45 आऊटलेट्स चेन्नई में पहुँचाने का है। दूसरा लक्ष्य सन 2027-28 तक सम्पूर्ण भारत में आऊटलेट्स खोलने का है। साथ ही 2032-33 तक भारत से बाहर विदेशों में भी आऊटलेट्स खोलने की योजना है।


निवेशकों ने भी सराहा

विदुर माहेश्वरी का स्टार्टअप ‘‘चाय वाले’’ उनकी कितनी सुलझी हुई सोच का नतीजा है, इसका प्रमाण हम इसी से लगा सकते हैं कि उनकी इस कम्पनी को मई 2020 में 1.75 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है।

‘‘चाय वाले’’ को फंडिंग करने वाले में प्रमुख रूप से ‘‘एंजेल इन्वेस्टर्स’’ नामक ग्रुप है, तथा साथ ही देश के कई ख्यात निवेशक भी शामिल हैं। जून 2021 में उन्हें लगभग एक मिलियन डालर (7.5 करोड़ रुपये) का निवेश प्राप्त होने वाला है। दक्षिण भारतीय सुपरस्टार नयनतारा ने भी उन्हें समर्थन दिया है।


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