सोमनाथ में आयोजित हुआ ‘सोहम 2020’

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अभा माहेश्वरी महिला संगठन का आयोजन, महिलाओं ने दिखाए प्रतिभा के जलवे

सोमनाथ. गुजरात प्रांतीय माहेश्वरी महिला संगठन के संयोजन में अभा माहेश्वरी महिला संगठन के वर्तमान एकादश सत्र के त्रिदिवसीय सत्रांत समारोह ‘सोहम 2020’ का आयोजन 4 से 6 जनवरी तक प्रथम ज्योर्तिलिंग सोमनाथ में हुआ। इसके द्वारा देश के कोने-कोने से आई महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का आयोजन मंच के माध्यम से जमकर प्रदर्शन किया।

प्रथम दिवस को कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उद्घाटनकर्ता एवं अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में आदित्य बिड़ला ग्रुप की चेयरपर्सन पद्मविभूषण राजश्री बिड़ला ने उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। अध्यक्षता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. कल्पना गगडानी ने की। स्वागत अध्यक्ष त्रिभुवन काबरा (चेयरमैन आरआर ग्लोबल) थे। मुख्य अतिथि आनंद राठी (मुंबई), रामअवतार जाजू (इंदौर), राधेश्याम जाजू (सूरत), रामरतन भूतड़ा (सूरत), लता मोहता (हिंगनघाट) एवं विशेष अतिथि रत्नीदेवी काबरा (संरक्षक), आशा माहेश्वरी (राष्ट्रीय महामंत्री) एवं सुशीला काबरा (राष्ट्रीय निवर्तमान अध्यक्ष) थीं। सम्मानीय अतिथि के रूप में गुजरात प्रदेशाध्यक्ष गजानन राठी एवं सोमनाथ ट्रस्ट के ट्रस्टी जेडी परमार उपस्थित थे। श्रीमती बिड़ला के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलित से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात उपस्थित समाजजनों को उन्होंने मार्गदर्शक उद्बोधन दिया। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता मूंदड़ा, विमला साबू व शोभा सादानी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों के कर कमलों से दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण द्वारा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का शुभारंभ हुआ। गायत्री आगाल ने सुमधुर स्वर में महेश वंदना का गायन किया। गुजरात प्रांतीय माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों का सम्मान मोती-स्टॉल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर किया गया। बैठक में सर्वप्रथम दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी गई फिर गत बैठक के मिनट्स पास करवाए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती गगडानी ने ग्यारहवें सत्र के कार्यों की पूरी जानकारी दी। कोषाध्यक्ष ने आय व्यय व ट्रस्ट की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर सुरभि समिति द्वारा प्रकाशित ‘गणगौर गीत’ पुस्तक का विमोचन किया गया। एकादश सत्र के सभी प्रदेशाध्यक्ष, सचिव, समिति प्रभारी, संयोजिकाओं को ट्रॉफी प्रदानकर सम्मानित किया गया। नए सत्र के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व सचिव का माला पहनाकर स्वागत भी किया गया तथा अन्य पदाधिकारियों की घोषणा कर उनको भी सम्मानित किया गया।

soham 2020

रंगारंग कार्यक्रमों ने मोहा मन

उद्घाटन सत्र में महेश वंदना मनमोहक क्लासिकल नृत्य द्वारा छोटा उदेपुर की महिलाओं ने प्रस्तुत की। अहमदाबाद की महिलाओं ने सुंदर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। एकादश सत्र में संपन्न हुए सभी कार्यक्रम पीपीटी प्रेजेंटेशन द्वारा प्रस्तुत किए गए। सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान स्टॉल एवं स्मृति भेंट प्रदान कर किया गया। गुजरात प्रांतीय अध्यक्षा उमा जाजू ने स्वागत उद्गार प्रगट किए। स्वागत अध्यक्ष त्रिभुवन काबरा ने स्वागत उद्बोधन दिया। श्रीमती बिड़ला के कर कमलों से सत्रांत पत्रिका ‘सर्वार्थ’ के आवरण पृष्ठ का विमोचन किया गया। जीवन गौरव सम्मान से पूर्व अध्यक्ष लता लाहोटी को सम्मानित किया गया। लता लाहोटी का ‘अभिनंदन पत्र’ सुशीला काबरा ने पढ़कर सुनाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्पना गगडानी ने, उज्जैन में संकल्प से लेकर उसकी ‘सोहम’ में हो रही पूर्णाहुति तक के सफर में मिले सभी के साथ व सहयोग के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। सभी अतिथियों ने भी अपने उद्बोधन में ग्यारहवें सत्र में संपन्न हुए कार्यों एवं सोहम 2020 के भव्य आयोजन की सराहना की। आभार राष्ट्रीय महामंत्री आशा माहेश्वरी ने प्रकट किया।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन

सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों के कर कमलों से दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण द्वारा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का शुभारंभ हुआ। गायत्री आगाल ने सुमधुर स्वर में महेश वंदना का गायन किया। गुजरात प्रांतीय माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों का सम्मान मोती-स्टॉल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर किया गया। बैठक में सर्वप्रथम दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी गई फिर गत बैठक के मिनट्स पास करवाए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती गगडानी ने ग्यारहवें सत्र के कार्यों की पूरी जानकारी दी। कोषाध्यक्ष ने आय व्यय व ट्रस्ट की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर सुरभि समिति द्वारा प्रकाशित ‘गणगौर गीत’ पुस्तक का विमोचन किया गया। एकादश सत्र के सभी प्रदेशाध्यक्ष, सचिव, समिति प्रभारी, संयोजिकाओं को ट्रॉफी प्रदानकर सम्मानित किया गया। नए सत्र के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व सचिव का माला पहनाकर स्वागत भी किया गया तथा अन्य पदाधिकारियों की घोषणा कर उनको भी सम्मानित किया गया।

soham 2020

रंगारंग कार्यक्रमों ने मोहा मन

ध्वजारोहण 5 जनवरी को सुबह ध्वजारोहन कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुआ। माहेश्वरी अतिथि भवन से सोमनाथ मंदिर तक बैंडबाजों एवं भजन कीर्तन के साथ ध्वजा की शोभायात्रा निकाली गई। सभी महिलाओं ने श्रद्धा से ध्वजा को सर पर रखकर मंदिर तक जाकर बड़े भक्ति भाव के साथ पूजन व आरती कर ध्वजारोहण किया गया।
लाइट एंड साउंड शो- गुजरात प्रांत की ओर से यह आयोजन कार्यक्रम में आए सभी अतिथि एवं सदस्यों के लिए सोमनाथ मंदिर में रखा गया, जिसे देखकर सबको सोमनाथ का महत्व एवं इतिहास जानने को मिला।
रास गरबा – मुख्य अतिथि महेश लड्ढा (वडोदरा), ओमप्रकाश काबरा (मोरबी), अनिल सोमानी (अहमदाबाद), सुनील गिगल (वडोदरा) की उपस्थिति में इसका रास गरबा आयोजन हुआ। इसमें गुजरात के पारंपरिक परिधान से सजकर समाजजनों एवं महिलाओं ने लाइव ओर्केस्ट्रा के साथ गरबा का खूब आनंद लिया जिसमें अहमदाबाद, सूरत एवं भरूच की महिलाओं ने गरबा की विशेष प्रस्तुति दी।
योगदानों का प्रदर्शन- मुख्य अतिथि गोविंद माहेश्वरी (कोटा), गजानन राठी (सूरत), मनोज काबरा (वापी) की उपस्थिति में यह आयोजन संपन्न हुआ। इसके अंतर्गत एकादश सत्र की ग्यारह समितियों में जो कार्य हुए उसका पूरा विवरण पावर पाइंट प्रेजेंटेशन द्वारा समिति प्रभारी व संयोजिकाओं द्वारा आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
मेरा आंचल लुभावना, लगे सबको सुहावना- श्यामसुंदर राठी (आणंद), नटवरलाल सारडा (अहमदाबाद), हरीश लखोटिया (अहमदाबाद) की उपस्थिति में इसका आयोजन हुआ। इसके अंतर्गत पांच अंचल ने अपने-अपने आंचल में आने वाले प्रदेश की संपूर्ण जानकारी, जिसमें रहन-सहन, ऐतिहासिक महत्व, परंपरा, संस्कृति, लोकनृत्य, परिधान, खानपान, औद्योगिक एवं कृषि विकास आदि बहुत ही मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किए।
मस्ती की पाठशाला- इसमें कार्यक्रम में आई सभी सदस्याओं को एक बहुत ही मनोरंजक गेम बॉलीबुड थीम पर आधारित म्यूजिकल तंबोला एलईडी स्क्रीन पर से खिलाया गया। इसका सभी ने मस्ती के साथ खूब आनंद लिया।

प्रतियोगिताओं में दिखा प्रतिभा

शिवालय ज्योतिर्लिंग की रचनात्मक झांकी बनाओ – इसमें 5 महिलाओं ने मिलकर एक हर आंचल से 2 या 3 झांकी, इस तरह 12 ज्योतिर्लिंग की रचनात्मक झांकियां बनाई। इसमें प्रथम मध्यांचल (छग), द्वितीय दक्षिणांचल (तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश) तथा तृतीय दक्षिणांचल (महाराष्ट्र) रहे।
शिवार्थ गायन प्रतियोगिता – इसमें शिव तांडव, रुद्राष्टकम, शिव विवाह, शिव चालीसा आदि की सामूहिक गायन द्वारा सभी आंचल ने प्रस्तुति दी। इसमें प्रथम दक्षिणांचल (शिव तांडव), द्वितीय उत्तरांचल (शिव विवाह) तथा तृतीय मध्यांचल (रुद्राष्टकम) रहे।
समुज्जवला-(नृत्य नाटिका) – इसमें हर एक आंचल द्वारा विशिष्ट नारी पात्र-जैसे सीता, द्रौपदी, यशोधरा, मीरा आदि के चरित्र को नृत्य नाटिका द्वारा दर्शाया गया। इसमें प्रथम दक्षिणांचल (यशोधरा), द्वितीय मध्यांचल (द्रौपदी), तृतीय उत्तरांचल (सीता) तथा चतुर्थ पश्चिमांचल (मीरा) है।
सार्थक वाद-विवाद प्रतियोगिता – मुख्य अतिथि मधुदेवी राठी, जेतपुरा व अनिता जावंधिया बनखेड़ी की उपस्थिति में आयोजित इस प्रतियोगिता में हर एक प्रदेश को अलग-अलग विषय दिए गए। हर एक वक्ता ने अपने-अपने प्रदेश का प्रतिनिधिवत्व करते हुए दिए गए विषय पर पक्ष या विपक्ष में अपने विचार रखे। इसमें पक्ष में प्रथम द्वितीय शुभ्रा चांडक (मप्र), द्वितीय अमिता मूंदड़ा (छग) व तृतीय रोहिता माहेश्वरी (कोटा) रहीं। सांत्वना पुरस्कार रेणु सारडा (आंध्रप्रदेश) व प्रभा जाजू (दिल्ली प्रदेश) को मिले। विपक्ष में प्रथम शीतल समदानी (गुजरात), द्वितीय नीलम सारडा (तमिलनाडु) तथा तृतीय शोभाा माहेश्वरी (पश्चिमी उत्तरप्रदेश) रहीं। सांत्वना पुरस्कार प्रीति मालीवाल (पश्चिमी उत्तरप्रदेश) व सीमा झंवर को मिले।

soham 2020

पुरस्कार-सम्मान से समापन

अंत में आयोजित समापन समारोह में ‘सोहम 2020’ में आयोजित सभी प्रतियोगिताओं में विजेता रही महिलाओं को ट्रॉफी व पुरस्कार से नवाजा गया। इस आयोजन को सफल करने में योगदान देने वाली सभी कार्यकर्ता व महिलाओं को एवं सहयोगकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। गुजरात प्रांतीय सचिव उमा काबरा ने सभी का आभार व्यक्त किया। सामूहिक राष्ट्रगान गाकर सभा समाप्त हुई। इस संपूर्ण आयोजन में चाय, नाश्ता, भोजन, हाईटी एवं रात्रि भोजन की व्यवस्था मूलचंद गट्टानी (पोरबंदर) की टीम ने सुचारु रूप से संभाली थी।

महाकाल कुंड जल से की संकल्प की पूर्णाहुति

6 जनवरी 2020 की सुबह अ.भा.भा. महिला संगठन के लिये अतिविशिष्ट थी। यह ग्यारहवें सत्र का अंतिम दिन था एवं अगला सूरज बारहवें सत्र का आगाज करने जा रहा था। राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्पना गगडानी ने भगवान महाकाल के प्रांगण में सेवा संकल्प लेकर अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी। अब इस संकल्प की पूर्णाहुति भी सूर्यदेव की साक्षी में महाकाल कुंड के जल से ही की। अध्यक्ष कल्पना गगरानी ने अपने जीवन के श्रेष्ठतम, सफलतम, सृजनतम आठ वर्ष बाबा महाकाल की नगरी में बिताए हैं। अपने रोल मॉडल ‘भगवान कृष्ण’ की शान नगरी उज्जयिनी जहां सांदीपनि गुरु के आश्रम में भगवान ने अपने मानवी रूप में शिक्षा प्राप्त की थी। वे मानती हैं कि कितना बड़ा सौभाग्य है कि उसी उज्जयिनी नगरी में उन्होंने अपने जीवन के विशिष्ट आठ वर्ष बिताएं। बीए, एमए, एलएलबी, पीएचडी की पढ़ाई जहां एक ओर इस नगरी में पूरी की, वहीं दूसरी ओर कला संस्कृति, नाट्य की शिक्षा भी कालिदास की इस महान सांस्कृतिक नगरी से मिली। नेतृत्व की क्षमता भी तो यहीं पाई। गल्र्स डिग्री कॉलेज के तीन वर्षों में यूनियन के भिन्न-भिन्न पदों पर रहते हुए एम.ए. फाइनल में परम्परा को तोड़ महिला युनिवर्सिटी में महिला यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट बनीं। विज्ञान यूथ फेस्टिवल के सफल एवं भव्य आयोजनों की नींव यहीं से पड़ी। इस सर्वांगीण शिक्षा-व्यक्तित्व विकास के इतने अधिक अवसरों का ही परिणाम था कि बत्तीस वर्षों तक मुंबई में एक ओर सफल अध्यापन कार्य किया तो दूसरी ओर अनेकों सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्य किये। कालिदास समारोहों एवं उज्जैन कॉलेज में ‘भाषण प्रतियोगिता’ के अनुभव ने सफल व्यवसायी ‘व मोटिवेशनल स्पीकर’ बना दिया।

बाबा के आशीर्वाद से बने दो विश्व रिकॉर्ड

श्रीमती गगडानी का कहना है कि माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्ष का पद भार जब मिला तो माहेश्वरी टाईम्स की पहल पर नये पद का भार ‘संकल्प’ के साथ प्रारंभ किया बाबा महाकाल की उसी नगरी में, बाबा के प्रांगण से। और बाबा के आशीर्वाद ने कार्यों को दिया ऐसा अंजाम, कि इतिहास रच गया। बाबा के आशीर्वाद से दो-दो विश्व रिकॉर्ड बन गये। उज्जैन के पुराने साथियों गुरुओं के आशीर्वाद और शुभकामनाओं से हर क्षेत्र में विजय पताका लहराई। इस सत्र में संकल्प, सान्निध्य, संवर्धन, सद्भाव, सुमिरन, समिधा, सोहम आदि बैठकों का आयोजन हुआ। विशिष्ट कार्यक्रमों में ‘सुदर्शन’ बृज मंडल यात्रा, ‘उर्जिता’ स्पोट्र्स मीट, इंडिया…वृहद उद्योग मेला, सिद्धि एक प्रसिद्धि प्रकल्प- (वल्र्ड रिकॉर्ड), सप्तपदी-सामूहिक विवाह, संपदा-आरोग्य धन संपदा (पांच दिवसीय स्वास्थ्य शिविर), सांगरिका-क्रूज यात्रा-(सात दिवसीय), समाधान एक पहल-पेड वेंडिंग मशीन इंस्टालेशन (वल्र्ड रिकॉर्ड), समिधा- एक शक्ति यज्ञ- (यूथ फेस्टिवल), स्वप्न दृष्टा-स्टार्टअप योजना का आयोजन हुआ। विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन के लिए सुश्रीता, सुकीर्ति, सुगंधा, सुचिता, सुरभि, सुलेखा, सुषमा, सौष्ठा, संचारिका सुरम्या व संवरणा आदि समिति का गठन किया गया।

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