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रतनलाल नौलखा

किसी क्षेत्र विशेष ही नहीं बल्कि चहुमुखी योगदानों के लिये श्री माहेश्वरी टाईम्स द्वारा अपना प्रतिष्ठित ‘‘माहेश्वरी ऑफ द ईयर“अवार्ड भीलवाड़ा के ख्यात उद्यमी व समाजसेवी रतनलाल नौलखा को दिया जा रहा है। श्री नौलखा एक ऐसी विभूति हैं, जिन्होंने उद्योग जगत, व्यावसायिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्था व समाजसेवा आदि लगभग हर क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय सेवा दी है।

वर्तमान में भीलवाड़ा निवासी रतनलाल नौलखा नितिन स्पिनर्स लिमिटेड के अध्यक्ष हैं। नितिन स्पिनर्स को स्थापित करने से पहले अपने कैरियर में लगभग 30 वर्ष तक श्री नौलखा ने सूर्या रोशनी लिमिटेड व एलएन जे भीलवाड़ा ग्रुप में अपनी सेवाऐं दी। अपने कैरियर में इन्होंने अपने आपको भीलवाड़ा ग्रुप के प्रबन्धन की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया और भीलवाड़ा ग्रुप की कम्पनी बी.एस.एल. लिमिटेड में प्रबन्ध निदेशक के पद पर 8 वर्षों तक रहे।

श्री नौलखा ने नितिन स्पिनर्स लिमिटेड सन् 1993 में प्रारम्भ की। वर्तमान में कम्पनी में 150,000 स्पींडल, 3000 रोटर एवं 49 निटिंग मशीन स्थापित है, जो कि सूती धागे व निटेड फेब्रिक का उत्पादन करती है। इस समय यह कम्पनी राजस्थान में सूती धागे एवं निटेड फेब्रिक का सर्वाधिक उत्पादन कर रही है। कम्पनी अपने उत्पाद दुनिया के सभी महाद्वीपों के लगभग 50 से भी अधिक देशों में निर्यात कर रही है। कम्पनी की वार्षिक बिक्री लगभग 800 करोड़ रूपये व निर्यात लगभग 500 करोड़ रूपये है। नितिन स्पिनर्स के शेयर BSE व NSE पर सूचीबद्ध भी है।

उनके उद्योग को ग्रे फेब्रिक वर्ग में निर्यात के लिए वर्ष 2006-07 व 2007-08 टेक्स प्रोसिल सिल्वर ट्रॉफी तथा वर्ष 2010-11 व 2014-15 में ब्रॉस ट्रॉफी प्रदान की गई। राजस्थान सरकार द्वारा निर्यात में विशेष उपलब्धि के लिए निर्यात उत्कृष्टता पुरस्कार वर्ष 2007-08, 2010-11 व 2013-14 के लिए दिया गया। औद्योगिक विकास एवं सामाजिक प्रतिबद्धता के क्षेत्र में कर्मठता, सक्रियता एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘‘उद्योग पत्र’’ पुरस्कार से भी वर्ष 2003 में नवाजा गया। भीलवाड़ा में ब्लेडेंड सूटिंग के व्यवसाय को स्थापित करने में आपका महत्वपूर्ण योगदान रह है।

विलक्षण प्रतिभा के धनी:

श्री नौलखा का जन्म 9 सितम्बर 1946 को स्व. श्री सोजीराम नौलखा के यहाँ ग्राम फूलियाँ कलां (भीलवाड़ा) में हुआ। प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम फूलियाकला से ही प्राप्त की। उसके बाद स्नातक स्तर की शिक्षा 1966 में राजस्थान यूनिवर्सिटी अजमेर से पूर्ण की। इसके बाद चार्टर्ड एकाउन्टेंसी की शिक्षा के लिये सन् 1967 में बम्बई चले गये।

उच्च व्यावसायिक परीक्षाओं में अपनी विलक्षण प्रतिभा की छाप छोड़ते हुये श्री नौलखा जी ने चार्टर्ड एकाउंटेंट, कम्पनी सैकेट्री व आई.सी.डब्ल्यू.ए. की सदस्यता हासिल की। उस समय में बहुत कम ही व्यक्ति होंगे, जिन्होंने तीनों अग्रणी व्यावसायिक संगठनों की सदस्यता हासिल की हो। श्री नौलखा ने सीए इंटर मिडियेट की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर तृतीय व पश्चिम अंचल में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इसके बाद सीए फाइनल की परीक्षा में भी इन्होंने पश्चिम अंचल में प्रथम व अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इतना ही नहीं श्री नौलखा ने आई.सी.डब्ल्यू.ए. की परीक्षा में भी अखिल भारतीय स्तर पर चतुर्थ स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा दिखाई थी।

ऊर्जा व पर्यावरण में विशेष योगदान:

श्री नौलखा के उद्योग के ऊर्जा संरक्षण में विशेष योगदान के लिए राजस्थान ‘‘ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2015’’ जिसमें स्पिनिंग व विविंग वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। कम्पनी पर्यावरण संरक्षण की ओर विशेष रूप से प्रयासरत है। कम्पनी ने अपनी औद्योगिक ईकाई की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया है, जिससे कि पांरपरिक ऊर्जा की खपत कम हुयी है। साथ ही पानी के संरक्षण के लिए सिवरेज ट्रीटमेन्ट प्लांट लगाकर सिवरेज के पानी को प्लांटेशन में काम में लिया जाता हैं।

कम्पनी ने अपने औद्योगिक परिसर में कई फलदार व छायादार पेड़ लगाये हुये हैं। उल्लेखनीय है कि इस हरियाली व शांत वातावरण से आकर्षित होकर यहां करीब 50,000 तोते शाम को झुंड में आते हैं व रात्रि विश्राम करते हैं। शाम को इनकी चहचहाट से एक मनोरम दृश्य उत्पन्न होता है। इन पक्षियों के दाना-पानी की व्यवस्था भी नौलखा परिवार करता है।

कई व्यावसायिक संस्थाओं से सम्बद्ध:

श्री नौलखा कई औद्योगिक व व्यापारिक संघों से जुडे हुये हैं। वर्तामान में राजस्थान टेक्सटाइन मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, कॉन्फेडरेशन ऑफ इण्डियन टेक्स्टाइल इण्डस्ट्री (सिटी) के सदस्य तथा टेक्सटाइल सेक्टर स्किल काउंसिल के निदेशक है। साथ ही भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ कपास विकास एवं अनुसंधान संगठन के समिति सदस्य, टेक्स टाईल एसोसिएशन ऑफ इण्डिया – राजस्थान ईकाई के अध्यक्ष एवं नोर्थन इण्डिया टेक्स्टाईल मिल्स एसोसिएशन के समिति सदस्य भी हैं।

इससे पहले वह नोर्थन इण्डिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन व मेवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री-भीलवाड़ा के अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंड्रस्टीज के उपाध्यक्ष, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

समाज सेवा में वृहद आयाम:

श्री नौलखा विभिन्न सामाजिक एवं कल्याणकारी संगठनों के मंचों पर भी सदैव सक्रिय रहते हैं। वर्तमान में ये अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के उपसभापति (पश्चिमांचल), लॉयन्स क्लब District-323E2 के डिस्ट्रीक्ट चैयरपर्सन, श्री बांगड़ माहेश्वरी मेडिकल वेलफेयर सोसायटी के ट्रस्टी, श्री आदित्य विक्रम बिड़ला मेमोरियल व्यापार सहयोग केन्द्र के सदस्य, राजस्थान महेश सेवा निधि के उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र, भीलवाड़ा के अध्यक्ष, श्री गणेश उत्सव एवं प्रबन्ध समिति-भीलवाड़ा के संरक्षक एवं श्री सोजीराम रतनलाल नौलखा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी के पद की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वाह कर रहे हैं।

इससे पहले ये भीलवाड़ा जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष, राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के उपाध्यक्ष, लॉयन्स क्लब District-323E2 के रिजनल-चैयरमैन, लॉयन्स क्लब भीलवाड़ा के अध्यक्ष तथा यूनेस्को फैडरेशन भीलवाड़ा के प्रेसिडेंट रह चुके हैं। राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा द्वारा भीलवाड़ा में 1999 में आयोजित प्रदेश सम्मेलन में स्वागताध्यक्ष के दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। भीलवाड़ा में 28 से 30 दिसम्बर 2007 में आयोजित अंतराष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन की आयोजक संस्था भीलवाड़ा जिला माहेश्वरी सभा में जिलाध्यक्ष के रूप में आयोजन के सभी दायित्वों को सफलतापूर्वक निभाया।

शिक्षा जगत में अमिट छाप:

श्री नौलखा ने भीलवाड़ा माहेश्वरी समाज की प्रमुख शैक्षणिक संस्था श्री महेश शिक्षा सदन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन लगातार बारह वर्ष सन् 1983-1995 तक किया। इस विद्यालय में 2000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षारत हैं। वर्तमान में माणिक्यलाल वर्मा टेक्सटाइल इंजीनियरिंग महाविद्यालय सदस्य शासकीय परिषद्, नोर्थन इण्डिया टेक्स्टाईल रिसर्च एसोसिएशन टेक्निकल कैम्पस अध्यक्ष शासकीय परिषद, मूक बधिर बालकल्याण विकास समिति भीलवाड़ा के सदस्य आदि पदों का सफलतापूर्वक निर्वाहन कर रहे हैं।

दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑॅफ इण्डिया भीलवाड़ा शाखा के संस्थापक अध्यक्ष, दि इंस्टीट्यूट ऑफ कोस्ट अकाउंटेंट्स ऑॅफ इण्डिया अजमेर-भीलवाड़ा शाखा के संस्थापक अध्यक्ष, दि इंस्टीट्यूट ऑफ कम्पनी सेक्रेटरीज ऑॅफ इण्डिया- उत्तर क्षेत्र के सहयोजित सदस्य रह चुके हैं।


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