आलौकिक प्रेरणा से बने डाऊजिंग विशेषज्ञ- अनिल तोषनीवाल

Date:

कहते हैं कि ज्योतिष जैसा गुढ़ ज्ञान वास्तव में सीखा नहीं जा सकता, यह तो केवल ईश्वरीय प्रेरणा से ही प्राप्त होता है। उसी के परिणाम स्वरूप भविष्यवाणियाँ सच होती हैं अन्यथा कई पुस्तकें पढ़ने के बावजूद भी कई ज्योतिषियों की भविष्यवाणी अक्सर सत्य सिद्ध नहीं हो पातीं। यह बात वास्तव में पूना निवासी ज्योतिर्विद अनिल तोषनीवाल पर खरी उतरती सी प्रतीत होती हैं। आईये जानें कैसे बढ़ें ज्योतिष की ओर उनके कदम?


पूना में प्रतिष्ठित और सिद्धहस्त डाऊजिंग ज्योतिर्विद के रूप में पहचान रखने वाले रविवार पेठ निवासी अनिल बालकिशन तोषनीवाल (नागौरी) का व्यवसाय जगत से ज्योतिष के क्षेत्र में आगमन वास्तव में किसी करिश्मे से कम नहीं है।

श्री अनिल तोषनीवाल का जन्म 12 अक्टूबर 1960 को पूना में कमलाबाई-बालकिशन तोषनीवाल के यहाँ तीन भाईयों में मंझले पुत्र के रूप में हुआ था। स्कूली शिक्षा पूना में मराठी माध्यम से 10वीं तक और 11-12वीं अंग्रेजी माध्यम से उत्तीर्ण की। पिताजी बालकिशन तोषनीवाल एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करते थे। गरीबी के कारण श्री तोषनीवाल का आगे शिक्षण नहीं हो पाया और वे स्वयं ड्रायफूट्स का होलसेल व्यवसाय करने लगे।

फिर 22 नवम्बर 1983 को पूना निवासी संगीता सुपुत्री कन्हैयालाल जाजू के साथ परिणय सूत्र में बंध गये और 1 जनवरी 1984 को व्यवसाय के निमित्त हैदराबाद में जा बसे। वहां हैदराबाद सीटी कोठी में रहते हुए किराना दुकान प्रारम्भ की, कारोबार भी अच्छा चल रहा था लेकिन वहाँ अक्सर हिंदू मुसलमान के झगड़े होते थे। उससे तंग आकर वे वापस पूना 1 जनवरी 1992 को आ गये। इसी दौरान 10 नवम्बर 1990 को पुत्री माधुरी का जन्म हुआ था।


शेयर व्यवसाय में भी रखा कदम

इसके बाद दो साल तक पुणे में ही शेयर्स का व्यवसाय किया पर इसमें उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पायी। उसके साथ साथ वे शेयर्स में भी इन्वेस्टमेंट करने लगे। इन तमाम प्रयासों के बावजूद जितनी उन्हें कमाई होनी चाहिये वो हो नहीं पा रही थी।

अतः परिवार वालों और मित्रों ने शेयर ब्रोकर का व्यवसाय करने को कहा जो उन्होंने दूसरी पुत्री खुशबू के जन्म दिवस पर 30 मई 1994 को प्रारम्भ किया, जिसका नाम रखा ‘‘संगीता इनवेस्टमेंट”। इसमें उन्हें अच्छी सफलता मिली और इसके बाद उन्होंने कभी वापस पीछे मुड़कर नहीं देखा।

उसी कमाई से उन्होंने खुद का फ्लैट 1999 में लिया और खुद का ऑफिस वर्ष 2014 में सदाशिव पेठ पूना में लिया। वर्तमान में भी उनका यह व्यवसाय चालू है। उस समय शेयर व्यवसाय का काम करने का समय सुबह 10 से 3 बजे तक था। फिर कुछ काम नहीं रहता था।

तो उन्होंने वर्ष 2003 में प्रॉपर्टी ब्रोकर का काम शुरू कर दिया। वो अच्छा ही चला। इसमें उनके मित्र व परिवार सहयोगी बने रहे।


फिर आया जीवन में उतार

व्यवसाय अच्छा चल रहा था, कुछ समय पश्चात शेयर मार्केट में पूरी मंदी छा गई। अमेरिका की वजह से पूरा मार्केट नीचे गिरने लगा और उनका व्यवसाय कम होता गया और जिससे अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा। उस वक्त तो प्रॉपर्टी ब्रोकर के काम ने उनका साथ दिया, पर वो भी ज्यादा दिन नहीं चला और उसमें भी मंदी आ गई।

आर्थिक परेशानियाँ बढ़ती गई और बैंकों का कर्ज भी बढ़ने लगा। घर खर्च, बच्चों की फीस भरने तक में काफी परेशानी हुई पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जिस तरह शेयर्स के भाव नीचे जाते हैं तो वे ऊपर भी आते हैं यही सोच उन्होनें अपनी जिंदगी में भी सकारात्मकता के साथ स्वीकार कर ली। फिर एक वक्त ऐसा आया कि सभी काम बंद हो गये। घर की हालत बहुत ही खराब होने लगी और वे अत्यंत परेशान रहने लगे।


अन्तर्प्रेरणा से दिखी नई राह

श्री अनिल तोषनीवाल कहते हैं, मुझे एक अच्छी आदत थी कि खाली समय में कुछ ना कुछ सीखना, तो मैंने उस वक्त पेंडुलम डाऊजिंग सीखा। मैं घर पर ही थोड़ी – थोड़ी प्रेक्टिस करने लगा। मैं जो बातें लोगों को बताता वह सच होती थी और मैं लोगों को उनके भविष्य के बारे में बताने लगा। लोगों का मुझ पर विश्वास बढ़ गया और मैं उनको सलाह देने लगा। उसक वक्त मैं किसी से पैसे नहीं लेता था, क्योंकि क्या सही क्या गलत मुझे पता नहीं था।

लोगों की भीड़ लगने लगी, प्रॉपर्टी का काम कम होता गया और डाऊजिंग का ज्यादा चलने लगा। उस वक्त मैं लोगों को कुछ चीजें देता उससे लोगों को और अच्छा परिणाम आता गया। वो राशि रत्न लोगों को लाभ पहुंचाते। इस दौरान मेरा व्यवसाय तो कम हुआ पर मेरी भविष्यवाणी सही होती गयी। फिर मैंने सोचा कि क्यों न अपना खुद का राशि रत्न और वास्तु शास्त्र में लगने वाली चीजों का व्यवसाय करूं, पर मेरे पास पैसे नहीं थे।

मेरा शेयर्स व्यवसाय चालू था, पर उतनी कमाई नहीं होती थी। मैंने अपने दोस्तों से इस व्यापार के बारे में कहा लेकिन कोई भी पैसों की मदद करने को तैयार नहीं था, लेकिन मुझे वास्तु प्रोडक्ट का कारोबार तो करना था। एक दिन गुस्से में आकर मैंने आफिस का फ्रिज ओएलएक्स पर बेच दिया और उसी पैसों से मैंने राशि रत्न और वास्तु प्रोडक्ट का व्यवसाय करने लगा। पूंजी कम खर्च ज्यादा होने लगा पर मैंने हिम्मत नहीं हारी और उसी में ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने लगा।

ऊपर वाले ने मेरी बात सुन ली और ये व्यवसाय चल पड़ा। अच्छा खासा आज मेरा नाम हो गया और लोगों ने मुझे साथ भी दिया फिर मैं डाऊजिंग की क्लास लेने लगा, लोग आते गये और मैं सिखाता गया और उसके साथ साथ मैंने हिलींग भी सीख लिया। वो भी मैं लोगों को करवाता गया।

लोग अच्छे होने लगे और उनकी दुआ से मेरा नाम हुआ। उसके साथ मेरा व्यवसाय भी चलने लगा। उसके बाद मैंने वापस पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज मैं अच्छी परिस्थिति में हूं।


स्वयं भी अपनी भविष्यवाणियों से हुए चकित

श्री अनिल तोषनीवाल बताते हैं कि मेरे जीवन में ऐसे अनुभव भी आये कि मुझे भी अपनी की हुई भविष्यवाणी पर विश्वास करना या सोचना पड़ता पर वो बात आगे चलकर सही होने लगी। एक दफा मेरे रिश्तेदार ने मुझे शादी की तारीख निकालने को कहा। मैंने उसे तारीख निकाल कर दी और मैं भूल गया। उस रिश्तेदार को इतनी जल्दी थी कि उसने दूसरे ज्योतिष से शादी की दूसरी तारीख निकालवा ली और शादी तय करके मुझे पत्रिका भेज दी। मुझे बुरा लगा। अब शादी को तीन दिन बचे थे और शादी के तीन दिन पहले उसके बड़े देवर का देहांत हो गया और शादी रूक गयी। फिर उसके बाद मैंने जो तारीख दी थी, उसी तारीख पर वो शादी हुई।

इसी प्रकार एक मेरी बुआ की लड़की को किसी डॉ. ने कहा कि उसे कैंसर है, वो डर गयी। सभी ने मिलकर उसका ऑपरेशन करवा दिया और उस हिस्से को (पार्ट को) बॉम्बे परीक्षण के लिए भेज दिया। उस वक्त मुझे कुछ भी मालूम नहीं था। एक दिन दिवाली के मिलने के लिए उसके घर गये। मैंने उसका डाऊजिंग और हिलींग किया।

उससे आधार पर मैने कहा था कि तुझे कैंसर नहीं है। पर वो इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थी। मैंने बॉम्बे परीक्षण के लिये लिए जो सेम्पल भेजा था, उसका परिणाम आने की तारीख भी बताई। फिर वो सब बाते मैं भूल गया लेकिन उसके बाद वो मुझे ढूंढते हुए आयी और खुशी के मारे रोने लगी। जो कुछ भी मैंने कहा था वो सब कुछ सही साबित हुआ है। जो तारीख मैंने दी थी, उसी तारीख को वो रिपोर्ट आयी थी। उसमें लिखा था कि आपको कोई केंसर नहीं है।


Sri Maheshwari Times
Sri Maheshwari Times
Monthly Maheshwari community magazine connecting Maheshwaris round the globe.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Burberry is the First Brand to get an Apple Music Channel Line

Find people with high expectations and a low tolerance...

For Composer Drew Silva, Music is all About Embracing Life

Find people with high expectations and a low tolerance...

Pixar Brings it’s Animated Movies to Life with Studio Music

Find people with high expectations and a low tolerance...

Concert Shows Will Stream on Netflix, Amazon and Hulu this Year

Find people with high expectations and a low tolerance...