“गुरुओं” के “गुरु”- अरुण चितलांग्या

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गुरू वे होते हैं, जो लोगों को प्रशिक्षण प्रदान कर आगे बढ़ाते हैं। यही कारण है कि उन्हें भगवान से भी पहले पूजा जाता है। मुम्बई निवासी अरूण चितलांग्या एक ऐसे गुरू हैं, जो ‘‘गुरूओं’’ को तैयार करते हैं। प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने का उनका ग्रुप ‘‘ट्रेनिंग ट्री’’ वर्तमान में आगे बढ़ने वालों के लिये सहायता का दूसरा नाम बन गया है।

देश के व्यवसाय जगत में ट्रेनर्स तैयार करने वाले ‘‘अरूण चितलांग्या’’ की पहचान एक ऐसे गुरू के रूप में हैं, जो व्यवसायों की आवश्यकता के अनुरूप न सिर्फ मानव संसाधन को प्रशिक्षित करते हैं, बल्कि ऐसे प्रशिक्षक भी तैयार करते हैं, जो सुप्रशिक्षित तकनीकी विशेषज्ञों को प्रशिक्षण प्रदान कर तैयार कर सकें। वे अभी तक 30 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर प्रोफेशनल बना चुके हैं। इनमें विभिन्न उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप चपरासी से लेकर कम्पनी के प्रेसिडेंट तक उन्होंने प्रशिक्षित कर दिये हैं। उम्र के 65 वर्ष के पड़ाव पर भी उनकी सेवा यात्रा सतत जारी है।


संस्कारों में मिले प्रबंधन के गूर

श्री चितलांग्या का जन्म वर्ष 1956 में कोलकाता के माहेश्वरी परिवार में हुआ। इससे उन्हें बचपन से ही संस्कारों में व्यवसायी प्रबंधन के गूर मिल गये थे। इसके बाद उनके जीवन का कर्मक्षेत्र मुंबई बन गया। यहीं से श्री चितलांग्या ने जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से एडमिनिस्ट्रेशन मेनेजमेंट में डिप्लोमा किया। इसके पश्चात इंडो-अमेरिकन सोसायटी से ‘‘इफेक्टिव पब्लिक स्पीकिंग’’ में सर्टिफिकेशन किया। यही उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पाइंट बन गया। इसने उन्हें सम्पूर्ण विश्व से सम्बद्ध किया, वहीं सम्बद्ध होने के गूर भी सिखायें। उन्होंने अपने करियर की ‘‘बॉलबेयरिंग’’ विक्रय के अपने पारिवारिक व्यवसाय से शुरूआत की लेकिन फिर मेन्युफेक्चरिंग, स्टॉक मार्केट, विज्ञापन एजेंसी, जॉब्स और 2000 तक एल एण्ड डी व्यवसाय से सम्बद्ध हो गये।


ऐसे बढ़े ‘‘ट्रेनिंग ट्री’’ की ओर कदम

प्रोफेशनलिज्म को प्रशिक्षण से और भी प्रोफेशनल बनाने की सोच को उनके अनुभवों ने पंखा लगाये तथा वर्ष 2009 में ‘‘ट्रेनिंग ट्री’’ तथा वर्ष 2010 में ‘‘एसोसिएशन ऑफ ट्रेनर्स’’ की स्थापना कर दी। वर्तमान में फ्रैंकफिन, आईसीबीआई, एस्सार, बजाज ऑटो तथा रोनक ग्रुप सहित कई प्रख्यात उद्योग समूह तथा कई उच्च शिक्षण संस्थान उनके क्लाईंट के रूप में उनसे सम्बद्ध हैं। उनकी संस्था इनके कर्मचारियों तथा ट्रेनर्स को प्रशिक्षित कर प्रोफेशनल बनाती है।

कैसे देते हैं प्रशिक्षण

उनकी टीम ऑफ ट्रेनर्स में वर्तमान में शीर्ष स्तर पर आपके सहित 4 विशेषज्ञ हैं। स्व. श्री चितलांग्या गत 17 वर्षों से कम्पनियों के सीईओ स्तर के कर्मचारियों तथा ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करते हैं। अभी तक वे स्वयं २25 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। उनके प्रशिक्षण में विशेष रूप से प्रबंधन शामिल होता है। इनके प्रशिक्षण देना का तरीका कुछ भिन्न है वे पावर स्लाईड प्रेजेन्टेशन और लेक्चर्स को ज्यादा पसंद नही करते बल्कि गेम्स और ग्रुप डिस्कशन्स आदि की सहायता से उन्हे सीखाने में मदद करते है। हास्य कहानियां जीवन के अनुभव आदि के सब बाते उनके लेक्चर्स का हिस्सा होती है। अन्य विशेषज्ञ में अजीत कॉमत ‘लॉ व थियेटर’’ से सम्बद्ध रहे हैं और विशेष रूप से उनके क्लाईंट में ब्लूचिप कम्पनियाँ शामिल हैं। ग्रिष्मा थाम्पी ‘‘ईमेज कंसल्टेंट तथा सॉफ्ट स्किल ट्रेनर’’ हैं जो खानपान के एटीकेट्स की विशेषज्ञा हैं। वे अभी तक कई टीवी शोज में भी दिखाई दे चुकी हैं। मानसी सेठ चितलांग्या फ्रेंच भाषा की विशेषज्ञ के रूप में सेवा दे रही हैं।



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