Jeevan Prabandhan

परिवार बचाना हो तो प्रेम जरूर बचाएँ

एक सवाल उठता है कि परिवार क्यों अशांत हो जाता है। दरअसल, परिवार बनता है अनेक सदस्यों से। पति-पत्नी, पिता-पुत्र, माँ-बेटी सबमें अपना अपना...

खुदा से प्रेम तो उसकी बनाई दुनिया से नफरत कैसे?

संसार में कुछ शब्द बहुत गलत तरीके से समझे गए और उन्हीं में से एक है प्रेम। इस शब्द के साथ न सिर्फ नादानी...

निःस्वार्थ होना चाहिए भाईचारा

भाईचारा एक पवित्र दायित्व है। इसे निभाने के लिए नैतिकता की ताकत लगती है। विभीषण ने अपने जीवन में दो भाई देखे थे- एक...

हमारे और परमात्मा के बीच माया को नहीं आने दें

-पं विजयशंकर मेहतारामकृष्ण परमहंस कहा करते थे कि माया को सरलता से समझना हो, तो श्रीरामकथा के एक दृश्य में प्रवेश किया जाए। वनवास...

भावुकता प्रतिक्रिया है तो संवेदनशीलता को दायित्व बोध मानें

किसी को भी सभी बातें जन्म से नहीं मिलती, उन्हें अर्जित करना पड़ती है। यह जितना सत्य संसार के मामले में है, उतना ही...

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