Jeevan Prabandhan
पूजा का रूप है बढ़े-बूढ़ों की सेवा
घर परिवार में बढ़े-बूढ़ों के रहने से एक अदृश्य शुभ शक्ति बनी रहती है। इस बात की अनुभूति अनेक लोगों को अपने जीवन में...
स्वाभाव में विनम्रता आने पर अहंकार के खतरे कम हो जाते हैं
प्रशंसा वह मदिरा है जो कानों से पिलाई जाती है। होटों से पी गई मदिरा से सिर्फ पैर लड़खड़ाते हैं लेकिन कानों से उतरी...
सुख की भी अपनी पीड़ा होती है और पीड़ा का भी सुख होता है
दुख कोई नहीं चाहता इसलिए सुख के पीछे हर कोई भागता है। दुख मिलता है तो पीड़ा होती है, लेकिन सुख मिलने पर सुकून...
ईश्वर के नियम को समझने के लिए आध्यात्मिक समझ जरुरी है
संसार में रहते हुए हम लोग राष्ट्र, समाज तथा परिवार की व्यवस्था बनाते हैं और फिर स्वयं इस सिस्टम को तोड़ते भी हैं। इसी...
शांति का अच्छा साधन है मौन
मौन के वृक्ष पर शांति के फल लगते हैं। परिवार में मौन शांति के साथ ही स्नेह व सम्मान की भावना भी पैदा करता...

