चिकित्सा से समाजसेवा की यात्रा- डॉ. मंगल राठी

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वास्तव में समाजसेवा के लिये अलग से समय देना या कुछ ओर करना जरूरी नहीं बल्कि हम जो कर रहे हैं, वह भी समाजसेवा बन सकता है। इसी को चरितार्थ कर रही हैं, परतवाड़ा जिला अमरावती निवासी ख्यात स्त्रीरोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. मंगल राठी ।

परतवाड़ा जिला अमरावती (महाराष्ट्र) में जब भी स्त्री रोग चिकित्सक का उल्लेख होता है, तो हर किसी की जुबान पर सबसे पहले ख्यात अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. शरद राठी की धर्म पत्नी डॉ. मंगल राठी का नाम आता है। इसका कारण उनका स्त्रीरोग क्षेत्र में एम.बी.बी.एस. के साथ डीजीओ जैसी उपाधि होना तो है ही, इससे अधिक उनकी समाज सेवा है जो चिकित्सा के रूप में ही वे कर रही हैं।

वर्ष 1994 में अपनी उच्च चिकित्सक शिक्षण पूर्ण कर वर्ष 1995 से उन्होंने छोटे से कस्बे परतवाड़ा का प्रेक्टिस के लिये चयन किया तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस छोटे से कस्बे को सबसे पहले सोनोग्राफी सेवा की सौगात भी उन्होंने ही दी थी।


इसलिये किया परतवाड़ा का चयन

डॉ. मंगल राठी ने उस दौर में स्त्रीरोग चिकित्सा क्षेत्र में उच्च शिक्षा ग्रहण की थी, जब चिकित्सकों की भारी कमी थी और कई चिकित्सक बड़े – बड़े शहरों में प्रेक्टिस कर रहे थे। ऐसे में परतवाड़ा का चयन वास्तव में दिलचस्प कहानी लगता है।

मंगल राठी

डॉ. राठी का जन्म लातूर निवासी श्री सत्यनारायण व श्रीमती कौशल्या लड्ढा के यहां हुआ था। अत: बचपन से ही समाजसेवा विरासत में मिली। फिर जीवनसाथी के रूप में डॉ. शरद राठी का साथ मिला। पति डॉ. राठी का जन्म सिरसगांव कस्बा में हुआ था।

अपने इस पैतृक गांव से अत्यधिक लगाव होने से वे चाहते थे कि इसके आसपास ही किसी स्थान का चयन प्रेक्टिस हेतु करें, क्योंकि यहां सिरसगाँव वालों का आना-जाना अक्सर चलता रहता है, जिससे वे गाँव वालों को चिकित्सा सेवा दे सकें। बस इस सोच के चलते पति-पत्नी ने सिरसगांव के समीप स्थित परतवाड़ा को अपनी कर्मभूमि बना लिया।


सतत चली सेवा यात्रा

प्रेक्टिस के प्रारम्भ से ही डॉ. राठी दम्पत्ति चिकित्सक से अधिक समाजसेवी बन गये और सतत रूप से मानवता की सेवा में अपनी नि:स्वार्थ सेवा देते रहे हैं। शुरू से ही कई जगह डायग्नोस्टिक कैंप लगाये। जरूरतमंद लोगों को मेडिसिन का वितरण भी किया।

विभिन्न संस्थाओं से जुड़कर हर साल किशोरियों के लिये आयोजित किए जाने वाले कार्यशाला शिविर में किशोरियों को अपने खान पान के बारे में, शारीरिक स्वच्छता, माहवारी और पर्यावरण की स्वच्छता और चकाचौंध की दुनिया में खुद को संभाल के कैसे रखा जा सकता है, इसकी जानकारी दी।

हर साल स्तनपान सप्ताह में आंगनवाड़ी व अचलपुर के सरकारी अस्पताल में जाकर गर्भवती महिलाओं को और डिलीवरी वाली महिलाओं को स्तनपान का महत्व समझाया। कई स्कूलों में जाकर लड़कियों का हिमोग्लोबिन चेक किया। जिनका हीमोग्लोबिन कम है उनको हिमोग्लोबिन की टेबलेट दी, हिमोग्लोबिन का महत्व समझाया।

कई संस्थाओं में जाकर और महिला दिवस के अवसर पर अलग अलग परिसर में जाकर स्त्रियों में होने वाली बीमारी जैसे गर्भाशय का कैंसर और स्तन के कैंसर आदि के बारे में समझाया। मैमोग्राफी कैंप लेकर कैंसर का और पैपस्मीयर कैंप लेकर गर्भाशय के मुंह के कैंसर का भी रोग निदान किया। स्वास्थ्य को लेकर आपके लिखे कई आलेख भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं।


अन्य समाजसेवी गतिविधियों में भी सक्रिय डॉ. राठी दम्पत्ति

  • आरोग्य का महत्व, बालिका दिवस, मातृ-पितृ दिवस, कैंसर दिवस, एड्स दिवस, गर्भनिरोधकता, स्तनपान का महत्व, 16 व वरिस धोक्याच, एनीमिया आदि कई अलग-अलग विषयों पर जन जागृति हेतु उनके लिखे लेखों का भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन हुआ।
  • स्कूलों में जाकर ऑडियो वीडियो सेशन लेकर बच्चों को यशाची गुरूकिल्ली अर्थात ‘सफलता की चाबी’ की जानकारी दी। ‘मातृ पितृ वंदन’ जैसे अनोखे प्रोग्राम परतवाड़ा और अमरावती में लिए जिसमें माता-पिता के ऋण लोगों का ध्यान दिलाया और माता-पिता का सत्कार शॉल श्रीफल और फूल देकर उनके बच्चों के हाथों से करवाया।
मंगल राठी
  • ‘बंमबांच बसलय’ नाटक के 1 घंटे के मंचन में स्वयं ने सखूबाई का किरदार निभाया और उसके अंदर महिलाओं के काम का महत्व लोगों को दर्शाया। अलग-अलग विषयों पर यूट्यूब पर वीडियो बनाकर लोगों में अलग अलग बीमारियों के बारे में जानकारी भी दी।
  • उन्होंने कई बार अपने बच्चों का बर्थडे अनाथ आश्रम और अंध विद्यालय में जाकर सेलिब्रेट करवाया। कई बार वृद्ध आश्रम जाकर भी वृद्धजनों का चेकअप करवाया, उनको मेडिसिन का भी वितरण किया। स्वयं का बर्थडे भी आदिवासी रेजिडेंशियल आश्रमशाला में जाकर मनवाया।
  • हर साल पति, पत्नी और बेटी जन्मदिन पर रक्तदान करते हैं। स्वयं का 50वां बर्थडे अपने फ्रेंड सर्कल में 51 पौधों का वितरण कर मनाया। सभी डॉक्टर लोगों की शादी की सालगिरह पर वे फूल के बुके देने के बजाय सुंदर-सुंदर फूलों के पौधे देकर उनका सम्मान करती हैं।
  • कोरोना के दरम्यान कई लोगों को कोरोना के संंबंधित जानकारी दी। मास्क व सैनिटाइजर वितरण किया। गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना से बचने के उपाय बताएं।

सेवा ने दिलाया सम्मान

डॉ. मंगल राठी रोगियों का इलाज भी अत्यंत कम फीस में समाजसेवा की तरह ही करती हैं और उनकी सेवाओं ने न चाहते हुए भी उन्हें सम्मान दिलाने में कोई कसर नहीं रख छोड़ी। नेशनल लेवल पर वंडर फॉगक्सईएन अवार्ड फिल्म एक्ट्रेस जैकलिन फर्नांडीस, डायना हेडन, सोनाली और ऑल इंडिया प्रेसिडेंट ऑफ ओबीजिवाय सोसायटी नंदिता पालशेटकर आदि की उपस्थिति में मिला।

मंगल राठी

इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन के प्रेसिडेंशियल कार्यकाल के दौरान उनकी टीम को महाराष्ट्र लेवल पर नवाजा गया। परवाड़ा स्त्री रोगतज्ञ संघटना, परतवाड़ा इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन, परतवाड़ा माहेश्वरी मंडल, अमरावती अस्थिरोगतज्ञ संघटना ने भी उनके कार्य को नवाजा।

इनके अतिरिक्त ऐसे अनगिनत अवसर आये जब उन्हें सम्मानित किया गया, जिनकी फहरिश्त अत्यंत लम्बी है।


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