गणेशोत्सव ‘दिल्ली का महाराजा’ के संस्थापक- महेंद्र लड्ढा

Date:

गत 20 वर्षों से दिल्ली में ‘‘दिल्ली का महाराजा’’ नाम से भव्य गणेश महोत्सव का आयोजन हो रहा है, जो महानगर की शान बन चुका है। आपको यह जानकर गर्व महसूस होगा कि इस गरिमामय आयोजन की शुरुआत करने का श्रेय भी माहेश्वरी समाजजन महेन्द्र लड्ढा को जाता है।

गत 20 वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री गणेश सेवा मंडल (लक्ष्मी नगर) दिल्ली (Regd.) गणेश चतुर्थी के पर्व पर 21वे गणेश महोत्सव ‘दिल्ली का महाराजा’ का आयोजन कर रहा है। लवली पब्लिक स्कूल, प्रियदर्शिनी विहार, दिल्ली 92 में, 31 अगस्त से 4 सितम्बर 2022 तक भगवान गणपति की स्थापना होगी एवं सभी दिन राष्ट्रीय एवं भक्तिमय कार्यक्रम होंगे।

75 वे आजादी के अमृत महोत्सव पर भी विशेष कार्यक्रम होगा, भैय्या अजय जी महाराज द्वारा भी प्रस्तुति दी जाएगी। जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी के समक्ष भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया था। अजय महाराज श्री गणेश सेवा मंडल, दिल्ली से प्रथम वर्ष से जुड़े हुए हैं एवं पिछले 20 वर्षों से गणेश जी भगवान के समक्ष अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।


इस तरह हुई थी स्थापना

भगवान गणेश के प्रति अपार श्रद्धा के कारण समाजसेवी महेन्द्र लड्ढा के मन में दिल्ली में भी मुम्बई की तरह भव्य गणेशोत्सव आयोजित करने का सपना उत्पन्न हुआ। इसी ने अपने जैसे साथियों का सहयोग लेते हुए साकर स्वरूप लिया। इसके अंतर्गत उन्होंने ‘‘मुम्बई के राजा’’ की तर्ज पर ‘‘दिल्ली के महाराजा’’ नाम से भव्य गणेशोत्सव आयोजित करने की नींव रखी।

इसके लिये श्री गणेश सेवा मंडल दिल्ली (लक्ष्मी नगर) (रजि.) की स्थापना 2002 में महेंद्र लड्डा द्वारा हुई। पिछले 20 वर्षों से लगातार आयोजित होता हुआ यह कार्यक्रम, ‘दिल्ली का महाराजा’, देश के सबसे बड़े गणेश महोत्सवों में से एक है। इस आयोजन को अभी तक केंद्रीय मंत्री पुषोत्तम रूपला, रामदास अठावले, श्याम जाजू, तारक मेहता का उल्टा चश्मा के कलाकार दिलीप जोशी, निर्माण असीत मोदी, अक्षरधाम के संत लोकेश मुनि एवं अन्य वरिष्ठ नेता एवं साधु संतो का सान्निध्य प्राप्त हुआ है।


समाजसेवा में भी समर्पित संस्था

श्री गणेश सेवा मंडल दिल्ली एक आम धार्मिक संस्था नही है। बालगंगाधर तिलक के संदेश को याद में रखते हुए एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए, यह संस्था सामाजिक, पारंपरिक, देश एवं प्राकृतिक कार्यों में समर्पित है। गौ सेवा, रक्त दान शिविर, स्वास्थ्य चिकित्सा कैम्प, निर्धन कन्या विवाह, इको फ्रेंडली गणपति मूर्ति, Environment Friendly, यह सब कार्य इसकी खासियत है।

गणपति का विसर्जन यमुना में ना करके, अपने ही पंडाल में, लाखों भक्त व श्रद्धालुओं के साथ करते हैं। एक बड़े से पानी के हौद में हज़ारों गणेश मूर्त्ति को विसर्जित करके उस पानी का उपयोग पेड़ पौधे उगाने में करते हैं। यमुना में विसर्जन ना करने का संदेश बाकी दिल्ली के मंडलों को भी देते हैं।

इससे सड़क पर ट्रैफिक यातायात बाधित नहीं होता और एम्बुलेंस सेवा को भी अड़चन नही आती। मोदी जी की अपील पर प्लास्टिक का भी बहिष्कार किया है। फिर भी यदि प्लास्टिक पानी की बोतल एकत्रित होती है, तो वे उसे टेक्नोलॉजी के माध्यम से पॉलीस्टर यार्न में कन्वर्ट करते हैं।


Sri Maheshwari Times
Sri Maheshwari Times
Monthly Maheshwari community magazine connecting Maheshwaris round the globe.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Burberry is the First Brand to get an Apple Music Channel Line

Find people with high expectations and a low tolerance...

For Composer Drew Silva, Music is all About Embracing Life

Find people with high expectations and a low tolerance...

Pixar Brings it’s Animated Movies to Life with Studio Music

Find people with high expectations and a low tolerance...

Concert Shows Will Stream on Netflix, Amazon and Hulu this Year

Find people with high expectations and a low tolerance...