श्री फलौदी माताजी

Date:

श्री फलौदी माताजी हेड़ा, धूपड़, जाजू, समदानी, खटोड़, तुलावटिया, कयाल, मालानी, लोसल्या, गाँधी और टुवाणी आदि खाँप की कुलदेवी है।

माताजी का मंदिर राजस्थान के जोधपुर जिले से लगभग १०५ किमी दूर मेड़ता रोड नामक छोटे से गाँव में स्थित है।मंदिर का निर्माण राजा नाहड़ राव परिवार द्वारा करवाया गया। उस समय फलौदी गाँव में फलौदी माता का एक कच्चा थान बना हुआ था। राजा ने उस कच्चे थान को एक छोटे मंदिर का रूप दे दिया जिसके पास ही, एक तालाब व एक बावड़ी भी खुदवाई जो आज भी मौजूद है। 

अनुठा तौरण द्वार:

विक्रम संवत् १०१३ में मंदिर बनवाने के पश्चात शीघ्र ही उस मंदिर में माँ फलौदी ब्रह्माणीजी की प्रतिष्ठा विक्रम संवत् १०१३ में कराई, उस वक्त प्रतिष्ठा के लिए रत्नावली (रूण) नगरी से भोजक केशवदासजी के पुत्र लंकेसरजी को लेकर यहाँ आए और यहाँ प्रतिष्ठा कराई तथा बाल भोग के लिए उस वक्त राजा नाहड़ राव ने ५२ हजार बीघा जमीन माताजी के नाम अर्पण की, जिसका सम्पूर्ण अधिकार लंकेसरजी को सौंपा।

जिस वक्त राजा ने मंदिर की प्रतिष्ठा कराई, उसी दौरान एक तोरण द्वार यादगार के रूप में मंदिर के बाहर बनवाया गया जो कि प्राचीन संस्कृति एवं कलात्मकता का एक अद्भुत नमूना था जो ९ चरणों में बँटा हुआ एक विशाल स्तम्भ दिखाई देता था। उसकी ऊँचाई उस वक्त ८५ फुट थी। बाद में इस तोरण थाम का उपयोग विशाल द्वीप स्तम्भ के रूप में किया जाने लगा।

आसपास के इलाके के राजा, महाराजा अपने किलों (गढ़) के ऊपर खड़े होकर विशाल दूरबीनों की सहायता से नवरात्रि पर्व के समय माताजी की ज्योत के दर्शन करते थे जो इस तोरण के सबसे ऊपरी हिस्से पर दर्शन हेतु रखी जाती थी। 

काले खां का सबक:

विक्रम संवत् १०१४ को भोजक केशवदासजी, किरतोजी, बलदेवजी व सुमेरजी आदि ने मिलकर वैशाख सुदी तीज सोमवार को कुलदेवी फलदायनी के नाम से फलौदी नाम का गाँव बसाया जो आज मेड़ता रोड कहलाता है। विक्रम संवत् १६३३ में बादशाह अकबर की फौज फलौदी (मेड़ता रोड) से होकर गुजरी। फौज के सूबेदार काले खाँ की नजर दूर से ही मंदिर के पास बने कलात्मक व ८५ फीट ऊँचे भव्य तोरण पर पड़ी।

काले खाँ स्वयं मंदिर के अंदर गया तथा मंदिर जिन चार प्रमुख खम्भों पर खड़ा था उनको तुड़वाना शुरू किया। तीन खम्भे तोड़े जा चुके थे। तब काले खाँ ने माताजी की मूर्ति तोड़ने की नीयत से गर्भगृह में प्रवेश करना चाहा उसी समय माँ भवानी फलदायिनी स्वयं प्रकट होकर क्रोध से दहाड़ उठीं और उन्होंने काले खाँ को जहाँ खड़ा था वहीं जमीन से चिपका दिया। काले खाँ अपनी पूरी ताकत लगाकर हार गया उसने निराश होकर माँ भवानी के चरणों में अपना शीश झुकाकर स्वयं को मुक्त करवाने हेतु प्रार्थना की।

तब माताजी ने उसे लूटपाट व मारकाट बंद करवाने को कहा। जब काले खाँ के ओदश से लूटपाट बंद हुई तब तक तोरण द्वार का मात्र एक हिस्सा बचा रह गया जो आज भी अपनी जगह विद्यमान है और इसी तरह मंदिर के अन्दर भी एक ही स्तम्भ सुरक्षित रहा जो आज भी स्थित है। मंदिर प्रांगण में ही ठहरने के लिए १५ कमरे बने हुए हैं। भोजन प्रसाद की अच्छी व्यवस्था है। 

नवरात्रि उत्सव:

इस मन्दिर में नवरात्रि पर्व का अपना विशिष्ट स्थान है। वर्ष में दो बार यहाँ नवरात्रि पर्व चैत्र बदी अमावस्या से प्रारम्भ होकर सप्तमी तक चलता है। द्वितीय नवरात्रि पर्व आसोज बदी अमावस्या से लेकर सप्तमी तक चलता है। इस दौरान अमावस्या से लेकर छट तक किसी प्रकार का भोग व प्रसाद माताजी के नहीं चढ़ता।

सप्तमी को दिन माताजी भोग लगता है। इस मन्दिर में भारत के कोने-कोने से यात्री व भक्त आते हैं और माँ के दरबार में मन माँगी मुरादें पूरी पाते हैं। नवरात्रि पर्व के समय यह मन्दिर एक मेले का रूप ले लेता है। वर्तमान समय में कुछ उत्साही युवकों द्वारा सही मार्गदर्शन कराने से यात्रियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है तथा मन्दिर विकास कार्य भी तीव्र गति से प्रारंभ हुए हैं।

कैसे पहुंचे:

ग्राम मेड़ता रोड (फलौदी) जोधपुर से १०५ किमी, बीकानेर से १६२ किमी तथा अजमेर से लगभग ९५ किमी दूर स्थित है। ट्रेन द्वारा जोधपुर, बीकानेर या अजमेर पहुँचकर यहाँ से बस, किराए या स्वयं के चौपहिये वाहन द्वारा यहाँ पहुँचा जा सकता है।

पत्र व्यवहार का पता: व्यवस्थापक, ब्राह्मणी माता मंदिर, मेड़ता रोड, नागौर,

फोन: ०१५९१-२७६२८५


Subscribe us on YouTube

Sri Maheshwari Times
Sri Maheshwari Times
Monthly Maheshwari community magazine connecting Maheshwaris round the globe.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Burberry is the First Brand to get an Apple Music Channel Line

Find people with high expectations and a low tolerance...

For Composer Drew Silva, Music is all About Embracing Life

Find people with high expectations and a low tolerance...

Pixar Brings it’s Animated Movies to Life with Studio Music

Find people with high expectations and a low tolerance...

Concert Shows Will Stream on Netflix, Amazon and Hulu this Year

Find people with high expectations and a low tolerance...